संतकबीरनगर। 32 माह पूर्व बखिरा क्षेत्र के एक गांव से गायब युवती शुक्रवार
को खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर पुलिस को मिली। पुलिस के मुताबिक गायब युवती
ने स्वेच्छा से दिल्ली जाने और वहीं पर बिहार के एक युवक से प्रेम विवाह
करने की जानकारी दी है।
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि 13 अप्रैल
2013 को बखिरा क्षेत्र के भैसमथान गांव से एक नाबालिग लड़की के अपहरण के
मामले में उसी गांव के रहने वाले राजू, छुन्नू और मुन्ना पांडेय के खिलाफ
अपहरण का केस दर्ज हुआ था।
सफलता न मिलने पर पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ
कुर्की की कार्रवाई करने के पश्चात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय
में प्रेषित कर दिया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने युवती की बरामदगी न
होने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने से आपत्ति जताई थी। मामला हाईकोर्ट
भी पहुंचा था।
पुलिस की सक्रियता बढ़ाते हुए 24 दिसंबर 2015 को चार टीमें
गठित की गई थी। एएसपी अशोक वर्मा को पर्यवेक्षण करने, सीओ को टीम के कार्य
की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। एसओ बखिरा शमशेर बहादुर सिंह,
स्वॉट टीम प्रभारी सुधीर सिंह और बखिरा के दो दरोगाओं को लगाया गया था।
एचसीपी
अमरनाथ यादव के नेतृत्व में कांस्टेबल जंगबहादुर और मुनीर अहमद को कलकत्ता
व बिहार में गायब युवती बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर भेजा गया था,
लेकिन पुलिस टीम खाली लौट आई।
शुक्रवार को एसओ शमशेर बहादुर सिंह और स्वाट
टीम प्रभारी ने सहयोगियों के साथ सूचना पर रेलवे स्टेशन से युवती को बरामद
किया। युवती ने बताया कि वह घर से नाराज होकर दिल्ली चली गई थी और वहां चार
- पांच महीने तक काम की और वहीं पर गुड्डू कुमार सिंह निवासी बाअरिया थाना
सराय जनपद वैशाली (बिहार) के साथ प्रेम विवाह कर लिया। उन दोनों से डेढ़
साल की एक बेटी शिवानी है।
अगर पिता ने किसी के विरुद्ध कानूनी
कार्रवाई की है तो वह गलत है। वह स्वेच्छा से गई थी। एसपी ने बताया गलत
फंसाए गए आरोपी तीनों भाईयों को दोषमुक्त करने के लिए न्यायालय में पुलिस
रिपोर्ट प्रेषित करेंगी।