संतकबीरनगर। न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के जज अभिषेक त्रिपाठी ने बखिरा क्षेत्र के राजेडीहा गांव के एक मामले में पूर्व विधायक ताबिश खां व उनके पुत्र सद्दाम समेत पांच-छह अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। राजेडीहा गांव निवासी हरीराम पुत्र रामलखन ने बताया कि वह अनुसूचित जाति के गरीब व्यक्ति हैं।
आरोप है कि पूर्व विधायक ताबिश खां से उनकी पुरानी रंजिश चल रही है। पूर्व में विधायक ने सहयोगियों के साथ उनका घर उजड़वा दिया था। इस मामले में बखिरा थाने में मुकदमा दर्ज भी हुआ था। पर्याप्त साक्ष्य के बावजूद मुकदमें में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई थी, जिस पर प्रोटेस्ट प्रार्थना-पत्र न्यायालय में विचाराधीन है। मुकदमा वापस लेने के लिए हमेशा दबाब बनाया जाता रहा।
27 अगस्त-2016 की शाम सद्दाम पुत्र ताबिश खां पांच-छह साथियों की मौजूदगी में उसका अर्द्घ निर्मित शौचालय खोदवाकर फेंकवा दिया था। विरोध करने पर उन लोगों ने उसकी पत्नी को जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने के साथ धक्का देकर भाग दिया था।
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई नहीं किया तो उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने पत्रावली में दाखिल प्रपत्रों व थाने से आई आख्या का अवलोकन करने के बाद पूर्व विधायक एवं उनके बेटे समेत पांच-छह अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश बखिरा पुलिस को दिया।
बगैर पंजीकरण के वकालत करने के आरोपी की जमानत खारिज
सन्तकबीरनगर। एफटीसी द्वितीय कोर्ट के जज संदीप जैन ने बृहस्पतिवार को दीवानी कचहरी में बिना पंजीकरण के वकालत करने के आरोपी के के मिश्रा की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया। फतेहपुर जनपद के चककोर्रा-सादात निवासी अधिवक्ता दयाशंकर विश्वकर्मा ने पूर्व में कोर्ट में शिकायत की थी।
कोर्ट में प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र में उनका कहना था कि बगैर कानून की डिग्री के कृष्ण कुमार मिश्रा वकालत कर रहे हैं। प्रार्थना-पत्र के आधार पर जांच में मामला सही मिलने पर जिला जज के पेशकार चंद्रमणि त्रिपाठी के जरिए परिवाद दर्ज कराया गया था। जमानत के लिए आरोपी ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल किया था।
जिसके आधार पर पूर्व में आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। बुधवार तक अंतरिम जमानत पर रहने के उपरांत बृहस्पतिवार को पुन: आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करते आरोपी को जिला कारागार बस्ती भेज दिया।