गोरखपुर से शव पोस्टमार्टम् के बाद जब गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया।
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संतकबीरनगर। पांच दिन पूर्व बघौली में हुए हादसे में घायल मिस्त्री की उपचार के दौरान रविवार को मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। जैसे ही मिस्त्री की मौत की खबर उसके गांव सरौली पहुंची,वैसे ही कोहराम मच गया। मां और बहन का रो- रोक कर बुरा हाल था। गांव के लोगों की भीड़ पीड़ित के घर जुट गई।
मां सुनीता और बहन सपना ने बताया कि 18 वर्षीय सनी बघौली में मिस्त्री का काम करते थे। पांच दिन पूर्व टेंपों की गड़बड़ी ठीक करके उसे चलाकर चेक कर रहे थे। उसी दौरान टेंपों अनियंत्रित होकर पलट गया और वह घायल हो गए। उन्हें पहले जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। रविवार को उपचार के दौरान बेटे शनि की मौत हो गई।
दो भाइयों में सनी बड़े थे। जबकि सनी के पिता रामसजीवन खलीलाबाद में कबाड़ की एक दुकान पर नौकरी करते है। कमाऊ बेटे की मौत से पूरा परिवार बिखर गया। सनी का छोटा भाई दस वर्षीय शक्ति और 15 वर्षीय बहन सपना और मां सुनीता का रो-रो कर बुरा हाल था। गोरखपुर से शव पोस्टमार्टम् के बाद जब गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। हर कोई होनहार सनी की मौत से गमगीन दिखा। लोग इस गरीब परिवार को प्रशासन से मदद दिए जाने की भी मांग की।