सिकरीगंज- गोरखपुर मार्ग पर छपिया-खानीपुर के बीच टेंपो और ट्रैक्टर में टक्कर हो गई। इससे टेंपो सवार पीएसी के जवान की मौत हो गई। सरायघाट गांव में रविवार को जैसे ही पीएसी के जवान के हादसे में मौत होने की सूचना पहुंची, गांव में कोहराम मच गया। गांव के लोग नम आंखों के साथ मृतक के घर पहुंचने लगे। देर शाम शव पहुंचते लोग विलाप करने लगे। इकलौते बेटे की मौत से जहां बूढे़ बाप कोने में बैठकर सिसक रहे थे, वही पत्नी और बहन रो- रो कर अचेत हो जा रही थी।
राम नयन यादव के चार बच्चों में राम वीरेंद्र (36) इकलौते पुत्र थे। उनकी तीन बेटियों में दो की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी की शादी के लिए रविवार को दिखाई का रस्म पूरा होनी थी। रामनयन की पत्नी की दो साल पहले ही मौत हो गई थी। इकलौता बेटा राम वीरेंद्र यादव वर्तमान में गोंडा में 30वीं वाहिनी पीएसी में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। वे वर्ष 2001 में भर्ती हुए थे।
रविवार को छोटी बहन सिंधू की दिखाई रस्म के लिए वह छुट्टी पर आ रहे थे। प्रधान हरीशचंद्र यादव ने बताया कि टेंपो से गोरखपुर से सिकरीगंज जा रहे थे तभी सिकरीगंज- गोरखपुर मार्ग पर छपिया-खानीपुर के बीच टेंपो और ट्रैक्टर में टक्कर हो गई। जिसमें राम वीरेंद्र की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।
मौत की सूचना पर पत्नी निर्मला 34 वर्ष, बेटी श्रेया नौ वर्ष और बेटा श्रेयांश पांच वर्ष , बाप राम नयन और बहन सिंधू का रो- रो कर बुरा हाल था। लोग यही कह रहे थे कि बहन की शादी पक्की करने के लिए घर आ रहे भाई की अर्थी उठ गई।