फंदे से लटकता मिला छात्र का शव
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क्षेत्र के हरदी गांव के रहने वाले एक 17 वर्षीय किशोर का शव शनिवार की सुबह घर में फंदे से लटकता मिला। घटना की सूचना से घर में कोहराम मच गया है। मौके पर गांव के लोगों के साथ भी पुलिस पहुुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घरवालों के अनुसार बीमारी व घर की आर्थिक तंगी से आजिज आकर किशोर ने आत्मा हत्या की है। क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह ने बताया प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। मामले की जांच की जा रही है।
मृतक छात्र प्रीतम कन्नौजिया (17) के बाबा संतबली ने बताया कि उसके पेट में अक्सर दर्द रहता था। बीते जून माह में गोरखपुर के एक अस्पताल में दिखाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर दिया था। एक महीने बाद आराम नहीं मिला तो डॉक्टरों ने दुबारा आपरेशन कर दिया। फिर भी उसकी दर्द की समस्या बनी रही। बताया कि इलाज में काफी रुपये खर्च होने से वह परेशान रहने लगा था।
संतबली ने बताया कि सुबह प्रीतम व कुछ अन्य लोगों के साथ ही वह भी आग ताप रहे थे, उसके बाद वे गांव में स्थित पुराने घर पर चले गए। इसके बाद प्रीतम को बुलाने उसकी दादी आईं तो घर में पोते को रस्सी के फंदे से लटका हुआ देख वह बदहवास होकर चिल्लाने लगी। शोर सुनकर अन्य परिजन भी आ गए। देखते-देखते ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह, इंस्पेक्टर अनिल सिंह, चौकी इंचार्ज प्रदीप सिंह व यूपी 100 का वाहन भी घटनास्थल पर पहुंच गया। इंस्पेक्टर अनिल सिंह ने बताया मृतक के गले में चोट के निशान है। रस्सी को कब्जे में ले लिया गया है। शव का पंचनामा करा दिया गया है।
आर्थिक तंगी बनी किशोर की मौत की वजह
बखिरा। मृतक की बीमारी में इलाज के लिए धन की कमी व परिवार में पांच सदस्यो का खर्च, किन्तु आमदनी का जरिया न होने से किशोर प्रीतम चिंतित रहता था। मृतक के पिता विजय एक आंख का अंधे है। वह पूना में रहकर मजदूरी करते है। घर में उसकी मां किरन, बाबा संतबली, दादी व आठ साल का छोटा भाई कक्षा चार में एक स्कूल में पढता है। प्रीतम भी इस साल हाईस्कूल में था। मार्च में उसे परीक्षा देनी थी। घर की माली हालत अच्छी नही थी। कोटे के राशन से परिवार का गुजर हो रहा था। बीमारी से आजिज आकर मृतक प्रीतम के इस अप्रत्याशित कदम से परिजन सदमे में है। उसकी मां किरन ने बताया पति बाहर मजदूरी करते है।। बेटा ही घर पर उनकी उम्मीद का सहारा था, किंतु बगैर बताएं ही साथ छोड़कर इस दुनिया से चला गया। इतना कहकर वह दहाड़ मारकर रोने लगी।