संतकबीरनगर। फोन कर विभिन्न कंपनियों से ऑफर के लिए चयनित होने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पकड़े गए जालसाजों के पास से पुलिस ने तमंचा, कारतूस, 1.35 लाख नकदी, पांच मोबाइल, आधार कार्ड और बैंक पासबुक आदि बरामद किया है। तीनों आरोपी कानपुर के निवासी हैं।
शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि मेंहदावल क्षेत्र के धौरापार गांव की सरिता नामक युवती को फोन पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाज गिरोह के सदस्यों ने 1.40 लाख रुपये ठग लिए थे। युवती का आधार कार्ड और पासबुक भी जालसाजों ने ले लिया था।
युवती की शिकायत पर पुलिस ने जालसाजी का केस दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही थी। मेंहदावल पुलिस और स्वाट की संयुक्त टीम ने मेंहदावल बस स्टैंड के पास से सूचना के आधार जालसाज गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 315 और 12 बोर के तमंचे, कारतूस, 1. 35 लाख नकदी, विभिन्न कंपनियों के पांच मोबाइल फोन, आधार कार्ड और बैंक पासबुक बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान जितेंद्र शंखवार पुत्र गोवर्धन लाल, योगेंद्र उर्फ राघवेंद्र पुत्र देशराज शंखवार और शैलेंद्र शंखवार पुत्र देशराज शंखवार निवासी रठिगांव थाना घाटमपुर जिला कानपुर नगर के रूप में हुई। आरोपियों ने बताया कि इनका एक गिरोह है, जो बिना आईडी वाले सिमकार्ड का प्रयोग कर लोगों से बैंक अधिकारी, इनकम टैक्स अधिकारी व विभिन्न कंपनियों के अधिकारी बन कर बात करता है।
यह लोगों को कभी किसी कंपनी का नाम लेकर ऑफर निकलने का तो कभी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनका खाता नंबर और आधार कार्ड नंबर प्राप्त कर लेते हैं। फिर ट्रांजेक्शन खर्च आदि का हवाला देकर उनसे पैसे खाते में मंगा लेते हैं। गिरोह तमाम लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। पकड़े गए गैग के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया है। गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम में शामिल स्वाट टीम प्रभारी राजकुमार यादव, एसआई राजाराम यादव, कांस्टेबल महेंद्र यादव, देवनरायन, विनोद, ऋषिवेद तिवारी आदि को पुरस्कृत किया गया।