गुरुवार की रात बखिरा झील में गश्त में निकले वनकर्मियों पर शिकारियों द्वारा की गई फायरिंग में वनकर्मी बाल-बाल बचे। इस घटना से वनकर्मी दहशत में है। कार्रवाई के लिए वन क्षेत्राधिकारी ने पुलिस को तहरीर दी। इंस्पेक्टर अनिल सिंह ने बताया मामले की जांच की जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी सुरेश राम की तहरीर के अनुसार वह वनकर्मी उमाशंकर, शैलेश गुप्ता, दिलीप तिवारी, योगेश, जायराम, परमेश्वर, शिवप्रसाद के साथ गुरुवार की देर शम राजकीय नाव से झील में गश्त पर थे। इसी दौरान कुछ लोग झील में थाली बजाकर तेज लाइट से प्रवासी चिड़ियों का शिकार कर रहे थे।
शिकारियों के इस कार्य को देखकर वनकर्मियों की टीम ने शिकारियों को पकड़ने के लिए ललकारा, किंतु बदले में शिकारियों ने गाली देने के साथ ही फायरिंग करना शुरू कर उर। जवाब में सुरक्षा के लिए फायरिंग करनी पड़ी। बावजूद इसके शिकारी फायरिंग करते रहे। मजबूरन जान बचाते हुए किसी प्रकार से पक्षी विहार कार्यालय की तरफ वापस आना पड़ा। शुक्रवार को शिकारियों द्वारा मोबाइल पर एक वनकर्मी को जानमाल की धमकी भी दी गई।
वन क्षेत्राधिकारी सुरेश राम ने बताया कि कुल दस लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए थाने में शिकायत की गई है। कुछ शिकारियों की झील में ही तेज रोशनी में पहचान कर ली गई थी। उनमें से छह से अधिक आरोपियों के खिलाफ पक्षियों को मारने में मुकदमा भी पूर्व में कायम है।