संतकबीरनगर।लखनऊ जेल से अदालत में पेशी के लिए मंगलवार को खलीलाबाद लाए गए चंदन सिंह ने फोन पर संतकबीरनगर जेल का निर्माण करा रही कंपनी के लोगों को धमकाकर रंगदारी मांगी थी।
कंपनी के साइट इंचार्ज की तहरीर पर पुलिस ने रंगदारी मांगने और धमकी देने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।हालांकि अभी तक की जांच में साफ हुआ कि रंगदारी के लिए धमकी देने में चंदन ने कचहरी में उससे मुलाकात की कोशिश में असलहों के साथ पकड़े गए गायघाट के प्रधान अजीत सिंह के साथ मौजूद दीपक पाल के फोन से दी थी।
इनके साथ मौजूद सीताराम सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।बुधवार को तीनों को जेल भेज दिया गया।प्रभारी कोतवाल दिनेश यादव और स्वाट टीम प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि संतकबीरनगर में जेल का निर्माण करा रही कंपनी के साइट इंचार्ज आजमगढ़ के बैरमपुर निवासी विशाल राय के मुताबिक उनके और कंपनी के डायरेक्टर रवींद्र नाथ सिंह के फोन पर काफी समय से रंगदारी की मांग और धमकी के फोन आ रहे थे।
रंगदारी की मांग के साथ जेल निर्माण कार्य में मिट्टी भराई का ठेका बताए गए शख्स को देने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। मंगलवार को आई कॉल में उन्हें कचहरी पहुंचकर चंदन सिंह से मुलाकात करने के लिए कहा गया। इससे घबराकर पुलिस को इत्तला दी।
पुलिस के मुताबिक कॉल डिटेल से पता चला है कि रंगदारी और धमकी में धनघटा क्षेत्र में तिलकूपुर गांव के दीपक पाल नामक शख्स का फोन इस्तेमाल हुआ था। दीपक पाल को प्रधान अजीत सिंह और ड्राइवर सीताराम के साथ मंगलवार को कचहरी में चंदन से मुलाकात की कोशिश में पकड़ा गया था।
दीपक का फोन कब्जे में लेकर कॉल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है। इनके कब्जे से मिली बिना नंबर की स्कार्पियो, गाड़ी में मौजूद दो लाइसेंसी रायफल, कारतूस और बाकी सामान भी पुलिस के कब्जे में है। तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और मोटर व्हेकिल एक्ट की धाराओं में केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया है, जबकि गायघाट निवासी जोखन सिंह को रायफल के कागजात दिखाने पर छोड़ दिया गया।
जेल बनाने का काम करी कंपनी के प्रतिनिधियों की तरफ से काफी समय से धमकी मिलने की बात कहे जाने पर लखनऊ जेल प्रशासन को भी अलर्ट किया जा रहा है।
खलीलाबाद कचहरी में पेशी के लिए चंदन सिंह को लखनऊ जेल से ही लाया गया था। पुलिस का कहना है कि जेल का निर्माण करा रहे लोगों की तहरीर में किसी का नाम न होने से रंगदारी और धमकी का केस अज्ञात पर दर्ज हुआ है।विवेचना के आधार पर चंदन का नाम बाद में बढ़ाया जा सकता है।