कोतवाली क्षेत्र के गुलामराय मंझरिया गांव में रविवार को एक आशा कार्यकर्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। घटना को लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चा हो रही है। वहीं घर में महिला के पति को छोड़कर सभी लोग गायब हैं।
गुलामराय मंझरिया गांव की रहने वाली निर्मला पत्नी महिपाल आशा कार्यकर्ता थीं। रविवार को वह अपने आंगन में संदिग्ध हालात में मृत पाई गईं। निर्मला के दो बच्चे एक बेटा नीरज (10) और बेटी अभी गोद में है। सूचना पर मगहर चौकी इंचार्ज, सीओ और कोतवाल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मौके से पति को छोड़ कर घर के अन्य लोग फरार बताए गए।
चौकी इंचार्ज करुणाकर पांडेय ने बताया कि महिला की मौत दिन में करीब 12 बजे के आस हुई है, लेकिन उन्हें किसी ने फोन से सूचना शाम तीन बजे के आस- पास दी। मौके पर पहुंचा तो घर के आंगन में महिला मृत हाल में पड़ी थी।लाश का मुआयना किया गया तो उसके गले पर रस्सी से कसने के निशान पाए मिले। मौके पर घरवाले नहीं मिले सिर्फ उसके दोनों बच्चे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह साफ हो जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।