हैंसर। सीएचसी मलौली के बगल में शनिवार को नवजात झाड़ियों में फेंका मिला। एक व्यक्ति ने उसे देखा और सीएचसी में ले गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नवजात शिशु को सबसे पहले देखने वाले शख्स ने धनघटा थाने पर तहरीर देकर अस्पताल कर्मियों पर गर्भपात कर नवजात को फेंकने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
धनघटा निवासी शिवशंकर का कहना है कि वह शनिवार को करीब 11 बजे मलौली सीएचसी में इलाज के लिए गए हुए थे। लघु शंका के लिए अस्पताल के उत्तर तरफ बाउंड्री के पास पहुंचे तो झाड़ियों में उन्हें नवजात दिखा। इसकी सूचना अस्पताल कर्मियों को दी और खुद उसको लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस संबंध में सीएचसी के डॉक्टर जितेंद्र चौधरी ने कहा कि नवजात शिशु का वजन मात्र साढ़े पांच सौ ग्राम था। पांच से छह माह ही गर्भ में रहा होगा। अस्पताल में गर्भपात किए जाने का आरोप बेबुनियाद है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। अगर गर्भपात की बात सामने आती है तो दोषी पर कार्रवाई होगी।