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डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ कर रहे हैं मामले की जांच...

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प्रधान के बहू-बेटे भी मनरेगा मजदूर
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सउदी अरब रहने वालों के बैंक खातों मे भेजे गए रकम
ग्राम पंचायत धर्मसिहवां का मामला
डीएम ने मामले की जांच के लिए डीपीआरओ को दिए निर्देश
तारेश सिंह
मेंहदावल। गरीब मजदूरों को 100 दिन रोजगार देने वाली मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार रुक नहीं पा रहा है। धर्मसिंहवा गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है। जॉब कार्ड धारक के रूप में ग्राम प्रधान के बहू-बेटों का ही नाम दर्ज कर उनके बैंक खाते में रकम भेजकर निकाला गया। इस ग्राम पंचायत के कई ऐसे लोग जो विदेश में रह रहे हैं, वे भी मनरेगा मजदूर का लाभ पा चुके हैं। जिला पंचायत सदस्य की शिकायत के बाद डीएम ने मामले की जांच डीपीआरओ को सौंपी है।
आरोप है कि मेंहदावल तहसील क्षेत्र के विकास खंड सांथा के ग्राम पंचायत धर्मसिहवां में मनरेगा के तहत ग्राम प्रधान फिततूर निशा के पुत्र साहिद रजा व बहू साहिदा खातून व बेटी नूर फातमा आदि को भी जॉब कार्ड धारक बना दिया गया। गांव में धूनादायी व चिकनी गड़ही में मनरेगा के तहत हुए कार्य में महिला ग्राम प्रधान के पुत्र शाहिद रजा को मजदूरी का भुगतान किया गया। शाहिद के ही बैंक खाते में बहू शाहिदा खातून को भी भुगतान किया गया। इसके अलावा विदेश में रह रहे बेटे के भी खाते में रकम भेजा गया। इसके अलावा मुशाहिद रजा पुत्र वारिश अली व अम्बिया फातमा के नाम से एक खाते में भुगतान किया गया। 20 वर्ष पहले दिवंगत हो चुके रामसमुझ नाम के व्यक्ति को भी मनरेगा मजदूर बना दिया गया। इसी तरह मजदूर केमइया व शिवसागर को भी एक ही खाता संख्या में धन का भुगतान किया गया। जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र पांडेय ने 28 अगस्त को डीएम को दिए शिकायती पत्र में 18 बिंदुओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत के दो गड्ढे धूनादायी व चिकनी में बिना काम कराए ही सात लाख 89 हजार 775 रुपये निकाला गया है। उधर, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि डीएम के आदेश पर ग्राम पंचायत धर्मसिंहवां में मनरेगा में व्याप्त अनियमितता संबंधी शिकायती पत्र की जांच की जा रही है। जल्दी ही जांच रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध करा दी जाएगी।
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किसी प्रकार की नहीं हुई अनियमितता : प्रधान
ग्राम प्रधान फितरतु निशा का कहना है कि मनरेगा योजना के तहत मजदूरों से कार्य कराए गए थे। उनकी मजदूरी खाते में भेजी गई है। किसी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है। कुछ लोग राजनीतिक द्वेषवश आरोप लगा रहे हैं। वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।
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डीपीआरओ से कराई जा रही जांच : डीएम
डीएम भूपेंद्र ए चौधरी ने कहा कि ग्राम पंचायत धर्मसिंहवां में मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं। जांच के लिए डीपीआरओ को निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।



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