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कसरवल कांड की दूसरी बरसी पर चौकन्नी रही पुलिस

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संतकबीरनगर। कसरवल कांड की दूसरी बरसी पर बुधवार को निषाद समाज के संभावित कार्यक्रम को लेकर संतकबीरनगर और गोरखपुर की पुलिस मुस्तैद रही। पुलिस प्रशासन की चौकसी उस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों में चर्चा का विषय बन गया था। उस रास्ते से गुजरने वाला हर कोई यहां काफी पुलिस कर्मियों के मौजूद रहने का कारण जानने का उत्सुक दिखा।
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निषाद समाज के नेता डॉक्टर संजय निषाद के नेतृत्व में आरक्षण की मांग को लेकर सात जून 2015 को गोरखपुर जिले के कसरवल गांव के सामने रेलवे ट्रैक पर आंदोलन हुआ था। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से निषाद समाज के लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। आंदोलन के दौरान ही रेलवे ट्रैक पर आंदोलनकारियों ने कब्जा कर लिया था। काफी देर तक प्रशासन और मौके पर पहुंचे रेलवे के अधिकारियों ने वार्ता कर ट्रैक को खाली कराने का प्रयास किया था लेकिन उसी बीच आंदोलनकारी अपनी मांगों के जिद पर अड़े रहे और ट्रैक को खाली करने से मना कर दिया। इसके बाद मामला बेकाबू हो गया और पुलिस ने लाठी चार्ज के बाद पुलिस को आंदोलनकारियों पर गोली चलानी पड़ी। इसमें गोली लगने से एक आंदोलनकारी की मौत हो गई थी और तमाम लोग घायल हुए थे। कई वाहन आग के हवाले हो गए थे। इसमें दर्जनों आंदोलनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। उसी घटना को ध्यान में रखते हुए बुधवार को संतकबीरनगर व गोरखपुर जनपद की पुलिस व प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ रेलवे ट्रैक और हाइवे के चप्पे -चप्पे-पर डटी रही। गोरखपुर की सीमा में गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज के सी ओ तारकेश्वर पांडेय के नेतृत्व में थानाध्यक्ष सहजनवां अरुण कुमार शुक्ला, थानाध्यक्ष हरपुर बुदहट उपेन्द्र कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे। जबकि संतकबीरनगर जनपद की सीमा में खलीलाबाद सी ओ अत्तम सिंह के नेतृत्व में कोतवाल राकेश सिंह यादव, महिला थानाध्यक्ष अनीता यादव, इंस्पेक्टर दुधारा मनोज त्रिपाठी, इंस्पेक्टर धर्मसिंहवा ईश्वर चंद प्रधान, एसआई मोहम्मद असलम, एसआई नसीबुद्दीन, क्यूआरटी वज्र वाहन, अग्नि शमन दस्ता के साथ कई टुकड़ियों में जगह-जगह पुलिस के जवानों को लगाए गए थे। इसके अलावा महिला पुलिस, एलआईयू के कर्मी भी सादे वर्दी में सूचना जुटा कर उच्चाधिकारियों को बताते देखे गए। कसरवल कांड की दूसरी बरसी पर वहां निषाद समाज का कोई भले नहीं पहुंच पाया, लेकिन पुलिस चौकन्नी रही।
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