ट्रेनिंग के लिए प्रदेश के 29 जिलों में वर्चुअल क्लास की व्यवस्था की गई है, जबकि अन्य जिलों में टीवी चैनलों के माध्यम से डीजीपी रिक्रूटों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं। 25 जुलाई को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी वर्चुअल क्लास के जरिए रिक्रूटों को संबोधित किया था।
वर्ष 2015 में पुलिस भर्ती परीक्षा में 2300 पुरुष और 5787 महिला आरक्षियों का चयन हुआ था। चयनित अभ्यर्थियों का आरटीसी प्रशिक्षण 25 जुलाई से शुरू हुआ है। संतकबीरनगर में 200 रिक्रूटों को आरटीसी का प्रशिक्षण दिया जाना है। बलरामपुर के 171 रिक्रूट 25 जुलाई से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
छह महीने तक चलने वाले प्रशिक्षण में प्रतिदिन 40-40 मिनट की पांच पीटी व परेड क्लास होते हैं। साथ ही 40-40 मिनट की छह क्लास में पढ़ाई होती है। इन्हें पढ़ाने के लिए चार एसआई टीचर नियुक्त है, जबकि गेस्ट टीचर के रूप में रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और समाज शास्त्रियों की तलाश की जा रही है।
बड़ी संख्या में आरक्षी पद पर भर्ती की वजह से प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के ट्रेनिंग सेंटरों में जगह कम पड़ गए। इस वजह से दूसरे प्रांतों में आरटीसी प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
एएसपी असित श्रीवास्तव ने बताया कि आरटीसी प्रशिक्षण के लिए सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर आवडी तमिलनाडु में 1200 रिक्रूट, आरसीपीएफ ट्रेनिंग सेंटर पेरीगम केरल में 400 रिक्रूट, सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर राजगीर बिहार 224 रिक्रूट, सीआरपीएफ लातूर महाराष्ट्र में 720 रिक्रूट भ्ाेजे गए।
सीआरपीएफ जोधपुर राजस्थान ट्रेनिंग सेंटर में 800 रिक्रूट, सीआरपीएफ खरखरी असम के ट्रेनिंग सेंटर में 850 रिक्रूट, सीआरपीएफ मुंडाली ओडिशा में 1000 रिक्रूट भ्ाेजे गए।
सीआरपीएफ रंगारेड्डी आंध्र प्रदेश में 400 रिक्रूट, सीआरपीएफ देवली राजस्थान में 1032 रिक्रूट, सीआरपीएफ बहरौर राजस्थान में 500 रिक्रूट, सीआरपीएफ अमेठी में 520 रिक्रूट और आरटीसी पीएसी देहरादून में 200 रिक्रूट भ्ाेजे गए।
आरटीसी पीएसी उत्तराखंड रुद्रपुर सेंटर पर 200 रिक्रूट, आरटीसी पीएसी हरिद्घार में 96 रिक्रूट प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। रिक्रूटों को प्रशिक्षण देने के लिए यूपी पुलिस के ही प्रशिक्षक गए है। छह महीने की ट्रेनिंग में आठ पेपर लिखित परीक्षा के और 12 पेपर पीटी,परेड आदि के होंगे।