बेटियों की चीख पुुकार से नम हो गई आंखें
फोटो
मृतक ओमप्रकाश पांडेय की चार बेटियों में चार बेटे थे
बड़े बेटे रिंकू की दो वर्ष पहले सड़क हादसे में हो गई थी मौत
अब तक किसी की शादी भी नहीं कर पाए थे ओमप्रकाश
अमर उजाला ब्यूरो
कांटे/टेमा रहमत। बांसगांव निवासी ओम प्रकाश पांडेय और उसके बेटे जैनेंद्र पांडेय की लाश मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। पिता-पुत्र की एक साथ लाश मिलने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बांसगांव निवासी ओम प्रकाश पांडेय पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर बिजनौर में तैनात थे। विभागीय कार्रवाई की वजह से वह घर पर रहते थे। चार बेटियों व चार बेटों के पिता ओमप्रकाश अब तक किसी बेटे-बेटी की शादी नहीं कर पाए थे। दो वर्ष पहले बेटे रिंकू की खलीलाबाद शहर के सरैया बाईपास के पास सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अब बेटे जैनेंद्र के साथ उनकी भी हत्या हो गई। पिता व भाई की मौत की खबर सुनकर बड़ी बेेटी 23 वर्षीय नीतू, 20 वर्षीय नीता, 14 वर्षीय गोल्डी और नौ वर्षीय राधा की चीख-पुकार सुनकर लोगों की आंखें नम हो गईं। बेटा शैलेश (18) व नन्हे (10) इस घटनाक्रम के बाद बिलख तो रहे थे, लेकिन शवों के पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी ने इन्हें पत्थर बना दिया था। पत्नी विमला देवी पति और जवान बेटे की हत्या की खबर सुनने के बाद से ही रह-रह कर बेहोश हो जा रही थीं।
विधायक ने दी 50 हजार की आर्थिक सहायता
कांटे। सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे पिता-पुत्र की हत्या की सूचना पर घटना स्थल पर पहुंचे। वहां से बांसगांव जाकर परिजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे विधायक ने पीड़ित परिजनों को 50 हजार की आर्थिक मदद दी। उन्होंने कहा कि यह एक ह्रदय विदारक घटना है।