संतकबीरनगर। कुआनो नदी के दक्षिणी छोर पर शनिवार की सुबह बानपुर घाट के पास एक छात्रा की लाश मिली। शव मिलने की सूचना पर आसपास के लोगों की भीड़ के साथ बस्ती जिले के लालगंज और संतकबीरनगर जिले के धनघटा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
सीमा विवाद का पेच फंस जाने से दोनों थानों की पुलिस शव कब्जे में लेने की बजाए आपस में ही उलझ गई। बाद में दोनों जगह के लेखपाल बुलाए गए और पैमाइश हुई। करीब दस घंटे तक पुलसिया ड्रामा चला और आखिरकार लालगंज की पुलिस शव लेकर गई। छात्रा की पहचान लालगंज क्षेत्र के ही खरविनया गांव की रहने वाली 17 वर्षीय रूबी पुत्री महेंद्र चौधरी के रूप में हुई। छात्रा की हत्या की आशंका जताई जा रही है।
रोसया प्रतिनिधि के अनुसार कुआनो नदी में छात्रा की लाश बस्ती जिले के बानपुर गांव के लोगों ने देखी थी । जिसकी सूचना किसी ने लालगंज पुलिस को दे दी। सुबह सात बजे के करीब पहले लालगंज थाने के पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। उसके बाद पौली चौकी प्रभारी भी सहयोगियों के साथ पहुंचे।
बाद में एसओ धनघटा भी पहुंच गए।। दोनों थानों की पुलिस शव को कब्जे में लेने के बजा सीमा विवाद में उलझ गई। धनघटा पुलिस लालगंज तो लालगंज पुलिस धनघटा क्षेत्र में शव होने का दावा करने लगी।
जब बात नहीं बनी तो धनघटा पुलिस ने लेखपाल भानुप्रताप सिंह और लालगंज पुलिस ने लेखपाल जगदंबा को मौके पर बुलवाया। मौके पर जुटी भीड़ के सामने लेखपाल ने सीमांकन किया। इसके बाद लेखपाल भानुप्रताप ने शव बस्ती जिले की सीमा में होने की बात कही तो धनघटा पुलिस वहां से सरक गई। शाम करीब पांच बजे लालगंज पुलिस शव को कब्जे लेकर थाने गई।
एसओ धनघटा संतोष तिवारी ने बताया कि वह शव को कब्जे में लेने गए थे, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने जिस जगह शव थी वह क्षेत्र लालगंज थाना क्षेत्र में होने की जानकारी दी। उनका यह भी तर्क था कि बानपुर में नाव का टेंडर बस्ती जिले से होता है। लेखपाल ने पैमाइश के बाद लालगंज क्षेत्र में ही शव होने की बात कही। इसके बाद धनघटा की पुलिस वहां से चली गई।
उधर, लालगंज के एसओ अनिल कुमार दुबे बताया कि वह बस्ती कोतवाली में ड्यूटी पर थे और उनके थाने से गए पुलिस कर्मियों ने शव मिलने की सूचना दी। करीब पौने 11 बजे वह मौके पर पहुंचे तो लालगंज क्षेत्र के लेखपाल जगदंबा ने बताया कि बानपुर गांव चकबंदी प्रक्रिया में है।
उन्होंने पैमाइश कर सीमांकन के बाद जैसे ही शव धनघटा क्षेत्र में होने की जानकारी दी, वहां की पुलिस नाराज हो र्गई और शव कब्जे में लेने की बजाय वहां से चली गई। शव की पहचान लालगंज क्षेत्र के खरवनिया गांव निवासी महेंद्र चौधरी की 17 वर्षीय बेटी रूबी के रूप में हुई। इस वजह से उन्होंने शव को कब्जे में ले लिया।
जांच - पड़ताल में पता चला कि महेंद्र चौधरी मुंबई में रहते हैं और उनकी बेटी रूबी कक्षा 12 वीं में अपने बुआ के घर कलवारी क्षेत्र में रह कर पढ़ती थी। दो दिन पहले ही छात्रा घर आई और नित्य क्रिया के लिए बाहर गई और फिर वापस लौट कर नहीं पहुंची तो परिजन ढूंढने में जुट गए।
छात्रा के लापता होने के संबंध में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई। छात्रा की मौत की वजह को लेकर भी पुलिस संशय में रही। पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी।
डीआईजी राकेश चंद्र साहू ने कहा कि इस मामले में सीमा विवाद तो होना ही नहीं चाहिए। पुलिस को तत्काल छात्रा का शव कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहिए। जैसे ही उन्हें इस मामले की सूचना मिली, उन्होंने एसपी बस्ती को मौके पर जांच के लिए भेजा था। एसपी बस्ती अपनी रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट में जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।