संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में लक्ष्मी की छह साल की बेटी सृष्टि किसी से फोन पर हत्यारे पिता की दरिंदगी की दास्तां बयां कर रही थी और रोती जा रही थी। बार-बार कह रही थी कि पापा ने मां को चाकू से मारा है। वह मां को खोज रही थी, लेकिन उसे नहीं पता था पिता ने उसकी मां को हमेशा के लिए उससे दूर कर दिया है। मेंहदावल तहसील परिसर में स्थित ग्राम न्यायालय में तलाक के केस की सुनवाई के लिए लक्ष्मी अपने भाई बैजनाथ और छह साल की मासूम बेटी सृष्टि के साथ बुधवार को पहुंची थी। बैजनाथ के मुताबिक तहसील गेट पर वह बहन और भांजी के साथ खड़े होकर वकील से बात कर रहे थे। इसी दौरान लक्ष्मी का पति संतोष पहुंचा और केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा। मना करने पर उसने चाकू निकाला और लक्ष्मी पर ताबड़तोड़ वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
पिता के ऐसे दरिंदे रूप को देख सहमी मासूम सृष्टि सुबकते हुए मां को छोड़ देने की गुहार लगाती रही। पिता ने बेटी के आंसुओं को भी दरकिनार कर दिया और लक्ष्मी पर वार करता रहा। सृष्टि की नजरों के सामने ही उसकी मां हमेशा के लिए उससे दूर हो गई।
घटना के बाद तहसील में हड़कंप : मेंहदावल तहसील गेट पर महिला पर पति द्वारा चाकू से किए गए हमले के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर कुछ पुलिस कर्मी मौजूद थे जिन्होंने हमला करने के आरोपी संतोष को दबोच लिया। आनन-फानन में खून से लथपथ हो चुकी महिला को सीएचसी ले जाया गया।