संतकबीरनगर। सावन की महीना शुरू होने वाला है, लेकिन रिमझिम फुहार की जगह धूल उड़ रही है। तपिश से फसल सूखने लगी है। इस बीच बिजली कटौती के कारण पंखा, कूलर बेकार हो जा रहे हैं। वहीं एक सप्ताह से अच्छी बारिश न होने से खेतों में दरार पड़ने लगी है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम की बेरुखी का असर यह है कि पारा अधिकतम 36 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इससे लोग गर्मी से परेशान है। इस बीच बिजली की आवाजाही मुसीबत बढ़ा रही है। बिजली न रहने से लोग घरों में भी चैन नहीं पा रहे हैं। इधर न होने से धान की फसलें सूख रही हैं।
उपज के सहारे परिवार की खुशहाली का सपना संजोए किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। कुछ किसान पंपिंग सेट से पानी चलाकर फसलों को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं तो कई किसान महंगाई की मार के चलते खेत में पानी चलाने में असमर्थ हैं।
किसान अनिल कुमार, रामफल, राजेश कुमार आदि ने बताया कि बारिश न होने से धान की पैदावार प्रभावित होगी।