संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार तृतीय ने पत्नी को फावड़े से मारने- पीटने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर दोषी पति को एक वर्ष की परिवीक्षा पर छोड़ने को फैसला सुनाया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि गोरखपुर के बेलघाट क्षेत्र के कूरी बाजार की निवासी मराची देवी ने धनघटा पुलिस को तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया कि वह अपनी बेटी मुनक्का की शादी मूडाडीहा थाना धनघटा के लालचंद से की थी।
20 फरवरी 2010 की रात दामाद लालचंद ने कहासुनी के बाद उसकी बेटी मुनक्का को फावड़े की बेंट से मारा। घायल बेटी की दवा इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से करा रही हैं। तहरीर के आधार पर थाना धनघटा में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन साक्षी की तरफ से 10 गवाहों की गवाही कराई गई। इसके साथ ही आठ लिखित प्रपत्र भी प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर दोषी पति को न्यायालय की राय में परिवीक्षा अधिनियम का लाभ पाने का अधिकारी माना।
सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार तृतीय ने दोषी पति लालचंद को धारा 308 में दोषी पाए जाने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष सात दिन के अंदर 25000 रुपये के व्यक्तिगत बंध पत्र और इसी धनराशि की दो प्रतिभूति दाखिल करने पर एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर छोड़ दिया। संवाद