सेमरियावां। परिषदीय विद्यालयों में स्कूली शिक्षा को किताबों से बाहर लाने की कोशिश हो रही है। परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को पढ़ाई के साथ ही टेक्निकल की भी जानकारी देने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए नई पहल ‘आनंदम’ के तहत बच्चे पहली बार केस स्टडी करेंगे और पढ़ाई को वास्तविक जीवन से जोड़कर सीखेंगे।
इसके लिए कक्षा-छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए हर शैक्षिक सत्र में 10 बैगलेस दिवस अनिवार्य कर दिए गए हैं। इन दिनों छात्र बिना बैग के स्कूल आएंगे और प्रयोग, भ्रमण, कला, शिल्प, स्थानीय व्यवसायों व वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेंगे।
सेमरियावां ब्लाॅक के 113 ग्राम पंचायत के 183 राजस्व गांवों में 78 प्राथमिक विद्यालय, 22 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 41 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। एक साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बाद से इसे लेकर कई बार कवायद हुई, लेकिन विद्यालयों में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अब राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इसके लिए ‘आनंदम मार्गदर्शिका’ तैयार की है। इसके तहत बच्चों को अनुभवात्मक, कौशल आधारित और आनंदपूर्ण शिक्षा से जोड़ना है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे कार्यक्रम के दौरान बच्चे अवलोकन, विश्लेषण, वर्गीकरण और निष्कर्ष निकालने जैसी क्षमताएं विकसित करेंगे। पहली बार केस स्टडी के माध्यम से वे वास्तविक परिस्थितियों को समझकर उनसे सीख पाएंगे। इसमें विज्ञान-प्रौद्योगिकी, स्थानीय उद्योग-व्यवसाय और कला-संस्कृति-इतिहास से जुड़ी गतिविधियों की पूरी सूची तैयार की गई है। जिससे छात्र बेहतर तरीके से हर बिंदुओं को समझ सके।
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वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने की कवायद
कक्षा छह से आठ तक के छात्रों में वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने की कवायद की जा रही है। कारीगरों, शिल्पकारों, अभिभावकों और विशेषज्ञों की भागीदारी भी की जाएगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के हवाले से कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अपनी संस्कृति के प्रति गहरा जुड़ाव बढ़ाएगा। छात्रों को स्मारकों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, स्थानीय कलाकारों से संवाद और एक जिला एक उत्पाद व वोकल फाॅर लोकल से जुड़ाव इस पहल की खास बातें हैं।
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कक्षा-छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए हर शैक्षिक सत्र में होंगे 10 बैगलेस दिवस अनिवार्य
- प्रयोग, भ्रमण, कला, शिल्प, स्थानीय व्यवसायों और वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेंगे छात्र
- शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने तैयार किया है ‘आनंदम मार्गदर्शिका’
- बच्चों को अनुभवात्मक, कौशल आधारित और आनंदपूर्ण शिक्षा से जोड़ना है
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बुधवार को बच्चे बिना बैग के स्कूल आएं। भ्रमण, कला, शिल्प, स्थानीय व्यवसायों व वैज्ञानिक गतिविधियों में शामिल हुए। सभी एमआरपी व एसआरजी को प्रत्येक ब्लाॅक से बैगलेस दिवस की गतिविधियों की फोटो एवं वीडियो संकलित करते हुए अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इससे बच्चे वास्तविक जीवन से जोड़कर सीख सकेंगे।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए