तिघरा। विकास खंड बघौली के ग्राम सभा उतरावल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में अयोध्या धाम से आए कथा वाचक डॉ. धरणीधर महाराज ने कहा कि ईश्वर के ऊपर पूरा भरोसा करिए, वह आपके किसी भी कार्य को रुकने नहीं देंगे। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कभी हमें विश्वास होता है और कभी नहीं।
विश्वास में सबसे बड़ी बात यह है कि जो भी कुछ जीवन में घटित होता है, अर्थात अच्छा या बुरा। एक बात अवश्य समझ लें कि भगवान ने आपके लिए अच्छा ही किया है, बुरा नहीं। भगवान के भक्त कभी किसी से शिकायत नहीं करते है।
कथा वाचक ने कहा कि अपने कर्म को ईमानदारी से करते चले जाइए। जो होता चला जाए, उसे ठाकुर जी की मर्जी समझकर स्वीकार करिए। भगवान से कभी यह प्रश्न मत करिए कि आपके साथ ऐसा क्यों हुआ। जब आप यह प्रश्न करते हैं तो उसी समय आपको भगवान पर संदेह होता है कि वह है कि नहीं। जो जीव भगवान पर दृढ़ विश्वास करता है, ईश्वर उसे कभी अकेला नहीं छोड़ते। जिस दिन आप ठाकुर जी के हो जाएंगे, उस दिन पूरा संसार आपका हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि गुरु, ब्राह्मण, संत और भगवान सभी हृदय से प्रसन्न होते हैं, न कि आपकी की गई व्यवस्था से। जीवन में विनम्रता बहुत महत्वपूर्ण है। इसके बाद उन्होंने माखन लीला, गोवर्धन धारण और कंस के अत्याचारों से पंचतत्व की अशुद्धि तथा भगवान द्वारा उनके शुद्धिकरण का प्रसंग प्रस्तुत किया। इसमें तृणावर्त वध से वायु, मृदा भक्षण से धरती, कालिया नाग के दमन से जल, व्योमासुर वध से आकाश और अग्नि पान से अग्नि तत्व के शुद्धिकरण का उल्लेख किया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान राधेश्याम राय, शशिकला राय, मधुसूदन राय, अनिरुद्ध राय, रामजीत राय आदि मौजूद रहे।