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Sant Kabir Nagar News: डेढ़ साल में जमीन नहीं तलाश सके, किराए के भवन में जैसे-तैसे चल रहे स्वास्थ्य उपकेंद्र

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सरौली चहारूम में किराए के भवन में संचालित उप स्वास्थ्य केंद्र
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संतकबीरनगर। घर के नजदीक ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में पिछले वित्तीय वर्ष में शासन से 68 उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण की अनुमति दी थी लेकिन ग्राम पंचायतों की लापरवाही के कारण डेढ़ साल बाद भी इन उपकेंद्रों का अपना भवन नहीं बन सका है। उपकेंद्रों के लिए जमीन ग्राम पंचायतों को ही मुफ्त में उपलब्ध करानी है लेकिन वे अब तक जमीन ही चिह्नित नहीं कर सके हैं। हालांकि 30 उपकेंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं पर पर्याप्त संसाधन नहीं होने की वजह काफी परेशानी हो रही है। अब सीएमओ ने डीएम को पत्र लिखकर ग्राम पंचयतों से जमीन उपलब्ध कराने को कहा है।
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शासन ने प्रत्येक पांच हजार की आबादी पर स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाने का फैसला किया है। शासन से आदेश था कि जब तक इसका अपना भवन नहीं बन जाता किराए के भवन में ये केंद्र संचालित किए जाएं। वित्त वर्ष 2024-25 में जिले में 68 उपकेंद्र बनाने का लक्ष्य मिला, लेकिन अब तक भवन बनाने के लिए जमीन ग्राम पंचायतों से नहीं मिल सकी। जमीन मिलने में देरी के कारण विभाग ने करीब 30 जगह किराए के भवन में उपकेंद्र का संचालन शुरू कर दिया पर जगह पर्याप्त नहीं होने के कारण काफी दिक्कतें हो रही हैं। इन उपकेंद्रों पर एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ अधिकारी को बैठना है, लेकिन स्थान काफी कम पड़ रहा है। टीकाकरण के दिन दिक्कत और बढ़ जाती है। विभागीय अफसरों का कहना है कि 38 उपकेंद्रों के लिए किराए का भवन तलाश लिया गया है। औपचारिकताएं पूरी कर जल्द ही उनका भी संचालन शुरू हो जाएगा।




पूर्व में संचालित है 172 स्वास्थ्य उपकेंद्र



जिले में पहले से 172 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यहां पर एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों की तैनाती है। इन केंद्रों पर शुगर, उच्च रक्तचाप, स्तन कैंसर के मरीजों को लक्षण के आधार पर चिह्नीकरण, गर्भवती महिलाओं व बच्चों का टीकाकरण सहित अन्य कार्य हो रहे हैं। नए 68 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण हो जाए तो इसके आस-पास के लोगों को भी लाभ मिलेगा। जानकारी के अनुसार, एक भवन के संचालन के लिए किराए के रूप में तीन हजार रुपये मिलते हैं। इतनी कम रकम में किराए पर जरूरत के हिसाब से मकान नहीं मिल रहे इसलिए अफसर भी लापरवाही कर रहे हैं।
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कोट



स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण के लिए प्रशासन को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। इस दिशा में प्रशासन सक्रिय है। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन की उपलब्धता हो जाएगी। इसके बाद निर्माण शुरू हो जाएगा।
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-डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ
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