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पत्र पर पत्र फिर भी जिले में डॉक्टरों की कमी

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पत्र पर पत्र फिर भी जिले में डॉक्टरों की कमी
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संतकबीरनगर। जिले में चिकित्सकों की कमी है। जिला प्रशासन समेत स्वास्थ्य महकमा पत्र पर पत्र शासन को भेज रहा है, पर डॉक्टरों की कमी दूर होने का नाम नहीं ले रही है। जिले में चिकित्सकों के कुल 103 पद स्वीकृत हैं। मात्र 44 चिकित्सकों की तैनाती है। इनके भरोसे सीएचसी और पीएचसी की स्वास्थ्य सेवा है। ऐसे में शासन का बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा फेल नजर आ रहा है।
जिले में आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इन पर कुल 103 चिकित्सकों के पद स्वीकृत है। इसमें हर सीएचसी पर फिजिशियन, जनरल सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, रेडियोलाजिस्ट का एक-एक पद सृजित है। सीएचसी हैंसर और खलीलाबाद में एक-एक पद बाल रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक के सृजित है। जिले में 103 चिकित्सकों के सापेक्ष 60 चिकित्सकों की तैनाती है। उनमें से आठ चिकित्साधिकारी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। चार चिकित्सक जिला अस्पताल से संबंद्ध हैं। दो चिकित्सक बस्ती जनपद में संबंद्ध हैं। एक चिकित्साधिकारी प्रति नियुक्ति पर है। जबकि एक आजमगढ़ में स्थानांतरित हैं। इस प्रकार तैनात 60 चिकित्सकों में से 16 चिकित्सकों की संख्या घटने पर मात्र 44 चिकित्सक ही सीएचसी और पीएचसी पर सेवा दे रहे हैं। चिकित्सकों की कमी के चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है। स्वास्थ्य महकम पत्र पर पत्र शासन को भेज रहा है, पर शासन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. हर गोविंद सिंह ने बताया कि चिकित्सकों की कमी से शासन को अवगत करा दिया गया है। वहां से जैसे ही चिकित्सक मिलते है उन्हें सीएचसी पीएचसी पर तैनात कर दिया जाएगा।
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प्रमुख सचिव को लिखा गया है पत्र : डीएम
डीएम रवीश गुप्त ने बताया कि सीएचसी एवं पीएचसी पर चिकित्सकों की भारी कमी है। 103 के सापेक्ष मात्र 44 चिकित्सक ही सेवा दे रहे हैं। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखकर चिकित्सकों की कमी को दूर करने का अनुरोध किया गया है।
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