संतकबीरनगर। बिजली आपूर्ति में सुधार के दावे निगम कर रहा है, लेकिन यह दावा फेल नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में आठ से 10 घंटे बिजली काटी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सुबह के समय पानी की जरूरत रहती है, लेकिन पांच बजे ही बिजली कट जा रही है। ऐसे में पानी का संकट खड़ा हो रहा है। साथ ही लोकल फाॅल्ट की समस्या से भी लोग जूझ रहे हैं।
बिजली कटौती की समस्या ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन आठ से दस घंटे बिजली कटौती ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। सुबह पांच बजे बिजली गुल हो रही है तो आठ बजे आती है। इस दौरान लोगों को ऑफिस जाने और बच्चों के लिए टिफिन तैयार कर स्कूल भेजने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह दस बजे फिर बिजली गुल हो रही है, जो शाम चार बजे के करीब आती है। इस दौरान बिजली से चलने वाले उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं।
दूसरी तरफ किसानों को भी दिक्कत हो रही है। कारण यह है कि बिजली न रहने से नलकूप भी पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। इससे सिंचाई करने में बाधा खड़ी हो रही है। इसके अलावा कहीं न कहीं लोकल फाॅल्ट की भी समस्या बनी रहती है।
तेज हवा चलने पर भी कट जा रही बिजली : इन दिनों पछुआ हवा चल रही है। जिसके कारण शाॅर्ट सर्किट की संभावना बनी रहती है। ऐसे में हवा चलने पर बिजली कट जा रही है। कई जगहों पर जर्जर तार व पोल बदलने का काम चल रहा है। ऐसे में निर्वाध रूप से बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। नहसापार निवासी यशवंत चौरसिया, केरमुआ निवासी ताहिर आदि ने बताया कि प्रतिदिन बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है।