मेंहदावल और बखिरा फीडर से जुड़े संविदा कर्मियों ने मंगलवार को अधिशाषी अभियंता विद्युत के कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान संविदा कर्मियों ने आरोप लगाया कि दस माह से मानदेय नहीं मिला है, इससे वे भुखमरी की कगार पर हैं। ईपीएफ खाता अभी तक नहीं खुला और कटौती का ब्यौरा भी संगठन को उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पर तत्काल कदम उठाया जाए। चेतावनी दी कि यदि मानदेय का भुगतान दीपावली से पहले नहीं किया गया तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में मेंहदावल व बखिरा फीडर से जुड़े संविदा विद्युत कर्मी पूर्वाह्न 11 बजे अधिशाषी अभियंता विद्युत के कार्यालय पहुंचे और धरना दिया। उन्होंने कहा कि दस माह बीत चुके हैं। बार-बार आश्वासन के बाद भी अभी तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया।
अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत से संविदा कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
दीपावली नजदीक है, ऐसे में तत्काल मानदेय का भुगतान कराया जाए। आरोप लगाया कि संविदा कर्मियों के ईपीएफ की कटौती का 22 माह का ब्यौरा नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री ने आदेश दिया है कि दीपावली से पूर्व सभी संविदा कर्मियों का मानदेय भुगतान कर दिया जाए, लेकिन अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कदम नहीं उठाया गया तो अनुरक्षण व परिचालन का बहिष्कार किया जाएगा। धरने में धर्मेंद्र गुप्ता, रामछैल, बैजनाथ, वशिष्ठमुनि मौर्य, राजन सिंह, निरंजन, राम नवल, मनोज सिंह, योगेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।