संतकबीरनगर। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ और भारतीय मजदूर संघ के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम के माध्यम से भेजा। कार्मिकों ने कहा कि वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनकर कार्य करने के बावजूद उन्हें समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है।
सेवा असुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस पर सरकार प्रभावी कदम उठाएं। संविदा कर्मियों ने कहा कि कोविड महामारी में अग्रिम पंक्ति में रहकर टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन सेवाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का संचालन पूरी निष्ठा से किया। एसएनए स्पर्श प्रणाली से भुगतान होने के बाद तकनीकी दिक्कतों के कारण समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा। इससे को परिवार आर्थिक संकट से जुझना पड़ रहा हैं।
उन्होंने मांग की कि प्रत्येक माह की तीन तारीख से पूर्व वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित वेतन का तत्काल निस्तारण किया जाए। साथ ही बजट बढ़ाए जाने की भी मांग की। इसके साथ ही 10 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मियों के नियमितीकरण की मांग की।
इस दौरान संयुक्त एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला संयोजक दीनदयाल वर्मा, भारतीय मजदूर संघ के प्रभारी अशोक सिंह, जिला मंत्री शक्ति विकास उपाध्याय, नर्सिंग संवर्ग के प्रदेश महामंत्री हरिओम सिंह, राजेश पांडेय, आनंद मौर्य, अभय त्रिपाठी, महेंद्र त्रिपाठी, डॉ. दीपक, डॉ. रवींद्र चौधरी, डॉ. रचना यादव, डॉ. अश्वनी यादव, विक्रम चौधरी, दीप आर्या, शिवेंद्र तिवारी, कल्पना वर्मा, अबू बकर, विकटेश्वर पाठक, डॉ. मुबारक, शशि पांडेय, राजेश कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।