संतकबीरनगर। शहर के लोगों के लिए मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पालिका प्रशासन ने करीब ढाई साल पहले उस्काखुर्द स्थित वन देवी मंदिर के पास वाटर पार्क और चिड़ियाघर बनाने की योजना तैयार की थी। साथ ही इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा था, लेकिन अब तक इसकी मंजूरी नहीं मिल पाई है। ऐसे में लोगों की उम्मीद टूटने लगी है।
शहर में मनोरंजन के लिए कोई सुविधा उपलब्ध न होने के चलते शहरवासियों को गोरखपुर सहित अन्य जनपदों में जाने की मजबूरी को देखते हुए शहर के वन देवी मंदिर के पास चिड़ियाघर और वाटर पार्क बनाए जाने के लिए करीब 22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसमें चिड़ियाघर के लिए 20 करोड़ और वाटर पार्क के लिए दो करोड़ का प्रस्ताव शामिल है। इसके निर्माण के लिए पालिका प्रशासन ने पर्यटन विभाग, धर्मार्थ कार्य विभाग और विकास विभाग से भी सहमति प्राप्त कर ली थी, लेकिन इस प्रस्ताव पर अब तक शासन की मुहर नहीं लग सकी है। शहर के निवासी महेश कुमार, सत्येंद्र सिंह आदि ने कहा कि शहर में मनोरंजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यदि वाटर पार्क और चिड़ियाघर बन जाएं तो न सिर्फ लोगाें को मनोरंजन का साधन उपलब्ध होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
मनोरंजन के लिए जिले से बाहर जाने की मजबूरी
वर्तमान में शहर में मनोरंजन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते लोगों को छुट्टी मनाने और मनोरंजन के लिए गोरखपुर और अन्य जनपदाें में जाने की मजबूरी है। उम्मीद थी कि शहर में वाटर पार्क व चिड़ियाघर बनेगा तो इस समस्या से राहत मिलेगी और लोगों को जिले में ही मनोरंजन के साधन उपलब्ध हो जाएंगे। साथ ही वन देवी मंदिर क्षेत्र के विकास को गति मिलती, लेकिन अब यह आस टूटने लगी है। इस क्षेत्र के निवासी वेद प्रकाश, पवन कुमार आदि ने बताया कि वाटर पार्क व चिड़ियाघर का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। इसके लिए पहल किए जाने की जरूरत है। ताकि लोगों को मनोरंजन की सुविधा मिल सके।
शहर के वन देवी मंदिर के पास वाटर पार्क व चिड़ियाघर के लिए स्थान चिह्नित किया गया है। साथ ही शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी मंजूरी मिल जाए, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी।
जगत जायसवाल- अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद