धनघटा में उप - निबंधन कार्यालय पर शुरु हुआ काम
धनघटा। धनघटा में उपनिबंधक कार्यालय भवन निर्माण के जिलाधिकारी के आदेश का उल्लंघन का मामला उस समय सामने आया जब शनिवार को धनघटा तहसील सभागार में वरिष्ठ अधिवक्ताओं का स्वागत समारोह चल रहा था।
इस बीच डीएम के आदेश को दरकिनार कर विवादित भूमि पर कार्यदायी संस्था द्वारा उपनिबंधक कार्यालय भवन निर्माण की सूचना मिलने के बाद स्वागत समारोह का माहौल आक्रोश में बदल गया।
अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि डीएम के आदेश के बावजूद कार्यदायी संस्था द्वारा जबरिया निर्माण को लेकर संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए है। एक तरफ डीएम ने भवन निर्माण में विवादित भूमि का इस्तेमाल न करने संबंधी आदेश दिया है वही दूसरी तरफ कार्यदायी संस्था मनमाने ढंग से कार्य कर रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता ईश्वरचंद पाठक ने कहा कि धनघटा में उपनिबंंधक कार्यालय भवन निर्माण को लेकर जिलाधिकारी ने जो आदेश दिया उसमें कहा गया कि वर्तमान में हो रहा निर्माण कार्य का कुछ अंश सिविल कोर्ट के स्टे से आच्छादित है। इसलिए भूमि का उक्त अंश भवन निर्माण के लिए उचित नहीं है।
धनघटा तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने कहा कि कार्यदायी संस्था सेडिको द्वारा डीएम के आदेश कि अवहेलना कर विवादित जमीन पर शटरिंग का कार्य शुरू कर दिया है। इस पर अधिवक्ता चुप बैठने वाले नहीं है। कहा कि दान में मिली भूमि के अतिरिक्त विवादित स्थल पर लगाई गई शटरिंग को फौरन गिराए जाने की मांग की है।
इस अवसर पर जिले के अधिवक्ता रविन्द्र नाथ पांडेय, अनिल चौधरी, नवनीत पांडेय, लाल शरण सिंह, हनुमान प्रसाद चौधरी, प्रेम नरायन मिश्र, केशव पाठक, अन्नपूर्णा मांझी, राधे श्याम मौर्य, विशंभर प्रसाद, योगेश श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद थे।