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युवक की मौत पर सीएचसी मेंहदावल पर हंगामा

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 बुधवार को सीएचसी मेंहदावल में उपचार में लापरवाही बरतने से एक युवक की हुई मौत से नाराज ग्रामीणों ने चिकित्सक के आवास के सामने शव रख कर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
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 ग्रामीण डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने और विभागीय कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सूचना पर मेंहदावल और बखिरा थाने की फोर्स पहुंच गई। सीएमओ के जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन गुस्साए लोग शांत ह्रुए।
   सांथा क्षेत्र के ग्राम मुड़िला गांव निवासी मथुरा प्रसाद का आरोप था कि उसके 22 वर्षीय बेटे तौलन को मंगलवार की रात पेट में दर्द और हाथ ,पैर में जलन शुरू हुई। रात में ही गांव के कुछ लोगों के सहयोग से बीमार बेटे को सीएचसी मेंहदावल लाए।
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आरोप था कि  अस्पताल में उस समय फार्मासिस्ट एके अग्रहरी व वार्ड ब्वाय कुलदीप ड्यूटी पर मौजूद थे। रात्रि ड्यूटी में तैनात डॉक्टर एस के भारती अपने स्टॉफ की  सूचना के बाद भी मरीज को देखने नही आए ।

करीब 40 मिनट बीत जाने के बाद मरीज की स्थिति बिगड़ने लगी तो परिजन चिकित्सक के आवास पर पहुंचे और आधे घंटे बाद चिकित्सक मरीज को देखकर आवास पर ही दवा लिखे और फार्मासिस्ट के साथ मरीज को अस्पताल में भेज दिया ।

 अभी ड्रिप लगे कुछ ही समय बीता था कि मरीज की हालत और खराब होने लगी । सूचना के बाद भी डाक्टर अस्पताल में नहीं आए, कुछ देर बाद मरीज की मौत हो गई। इधर युवक की मौत की सूचना पर मुड़िला गांव के तमाम लोग अस्पताल पहुंच गए। नाराज गांव वालों ने उपचार में लापरवाही बरतने की वजह से युवक की मौत होने का आरोप लगाते हुए डॉक्टर का घर घेर लिया। बाद में  चिकित्सक अपने आवास से बाहर निकले। उसी बीच एसओ मय फोर्स पहुंचे और भीड़ से घिरे चिकित्सक को आवास के अंदर पहुंचाए।

 इधर गांव के लोग शव को वार्ड से बाहर लाए और चिकित्सालय के आवास के सामने रख कर स्वास्थ्य महकमे के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए सीएमओ को मौके पर बुलाने व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए तीन घंटे तक जमकर हंगामा मचाया ।

बवाल बढ़ता देख एसओ बखिरा मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए।  सीएमओ डॉक्टर आनंद प्रकाश श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। सीएमओ ने मामले की जांच कराते हुए दोषी चिकित्सक व अन्य के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण माने और मामला शांत हुआ।
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