संतकबीरनगर। निजी (प्राइवेट) वाहनों का व्यावसायिक (कमर्शियल) उपयोग करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग अब सख्ती बरतने जा रहा है। ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न प्रमुख मार्गों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सघन जांच की जाएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई लोग निजी नंबर (सफेद नंबर प्लेट) वाले वाहनों का उपयोग किराया लेकर सवारी ढोने अथवा अन्य व्यावसायिक कार्यों में कर रहे हैं। इससे न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि राजस्व की भी हानि होती है। ऐसे वाहन दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों के लिए भी जोखिम पैदा करते हैं, क्योंकि इनके पास व्यावसायिक वाहनों से संबंधित आवश्यक परमिट और अन्य औपचारिकताएं नहीं होती हैं।
अभियान के दौरान प्रवर्तन दल संदिग्ध वाहनों की जांच करेगा। यदि कोई निजी वाहन व्यावसायिक उपयोग में संचालित मिलता है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान, जुर्माना तथा नियमानुसार अन्य कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर वाहन को सीज भी किया जा सकता है।
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का उपयोग केवल निजी कार्यों के लिए ही करें। यदि वाहन का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्य से किया जाना है तो संबंधित परमिट, फिटनेस, टैक्स और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर ही उसका संचालन करें।
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अभियान का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना, अवैध रूप से संचालित वाहनों पर रोक लगाना तथा सड़क परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ