बारिश से खराब हुई मिर्च की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
हैंसर। धनघटा तहसील के हैंसर, पौली व नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के किसान भरुआ मिर्च की खेती करके कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाते हैं। इस वर्ष भी भरुआ मिर्च की खेती क्षेत्र के किसान भारी मात्रा में किए हुए हैं। सोमवार रात हुई बूंदाबांदी और इसके पहले पड़े पाला के कारण मिर्च की फसल मुरझाने लगी है और सड़ने लगी है। इससे किसानों की नींद उड़ गई है।
तहसील क्षेत्र के औराडाड़, जिगिना, कटया, हरेवा, कुरमौल, छपरामगर्बी, टेम्हा, खैरगाड़, रामपुर, नन्हिया, महुली, झिगुरापार, बौरिहवा, हरिहरपुर, सवापार, भगवानपुर आदि गांवों के किसान भरुआ मिर्च की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं। सप्ताह के प्रत्येक रविवार और गुरुवार को बंडा बाजार और धनघटा में यहां के किसानों से मिर्च गोरखपुर, बस्ती और महराजगंज तक के व्यापारी खरीदकर ले जाते हैं। इस वर्ष मौसम में आए बदलाव के कारण किसानों को भारी नुकसान होने का भय सताने लगा है। मिर्च की खेती करने वाले किसान देवेंद्र, रामफेर, रामचंदर, भगवानदास और अधारे आदि का कहना है कि पूर्व में पाला के कारण मिर्च के पेड़ मुरझाने लगे थे।
दवा का छिड़काव करने के बाद फसल में कुछ हरापन आ रहा था तो रात में हुई बूंदाबांदी के कारण फलों में सड़न पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि मौसम में आए अचानक बदलाव से मिर्चा की खेती को नुकसान होने की आशंका बन गई। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि बूंदाबांदी और बारिश से भरुआ मिर्च की खेती प्रभावित होगी। इससे फूल को फल बनने में दिक्कत होगी, वहीं फूल के झड़ने की अधिक आशंका रहती है।