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Sant Kabir Nagar News: परिषदीय विद्यालयों में विज्ञान किट से पढ़ेंगे बच्चे

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संतकबीनगर/मेंहदावल। सरकार परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक व प्रयोग आधारित विज्ञान शिक्षा से जोड़ने की दिशा में कदम उठा रही है। जिले के 51 विद्यालयों में विज्ञान किट उपलब्ध कराकर इस पहल को सुनिश्चित करने की कोशिश शुरू कर दी गई है, जिससे ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक सोच पर आधारित शिक्षा मिल सके।
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बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि इन विज्ञान किट के माध्यम से सरकारी स्कूलों के अब छात्र-छात्राएं किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन किट के उपयोग और गतिविधियों के जरिये विज्ञान को समझ सकेंगे। सरकार का मानना है कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार क्षमता विकसित करने के लिए प्रयोग आधारित शिक्षण बेहद जरूरी है। जिले में 51 विज्ञान किट परियोजना से मिली हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार पहले से ही मिशन प्रेरणा, निपुण भारत मिशन, स्कूल कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी योजनाओं के जरिये सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने में जुटी है। विज्ञान किट की उपलब्धता से विज्ञान शिक्षा को भी अधिक व्यावहारिक और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी आई है।
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इस पहल की खास बात यह है कि इन किट की आपूर्ति आईआईटी गांधीनगर के माध्यम से कराई गई है। इससे सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी प्रयोगशाला आधारित शिक्षा का अनुभव मिल सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाला कोई भी बच्चा संसाधनों और सीखने के अवसरों के मामले में पीछे न रहे।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह की पहल से भविष्य में बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी और नवाचार की नई संभावनाएं विकसित होंगी। उच्च प्राथमिक व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के छात्र-छात्राएं विज्ञान व गणित की पढ़ाई आसानी से कर सकेंगे।
इसके लिए विभाग स्कूलों में विज्ञान व गणित की किट भिजवा रहा है। किट के माध्यम से बच्चे समझकर पढ़ाई करेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि छात्र-छात्राएं आसानी से विज्ञान और गणित की पढ़ाई कर सकें। उन्होंने बताया विज्ञान किट में टेलिस्कोप, परखनली, चुंबक, थर्मामीटर, कंपास और प्रिज्म जैसे उपकरण शामिल हैं।
इनकी मदद से बच्चे किसी भी विषय को व्यावहारिक रूप में समझ सकेंगे, जिससे उनकी सीखने की क्षमता बढ़े और वह अपने आसपास की दुनिया के बारे में बेहतर समझ सकें। बघौली ब्लॉक में उतरावल, सांगठ, भगवानपुर, बालूशासन व बघौली में पांच स्कूलों पर, बेलहरकला में कौड़ियां, गौहनिया माफी, कमरा क़िला व भगौसा में चार स्कूलों पर, हैंसर बाजार में ददरवार, डेबरी, बंडा बाजार, गर्थवलिया व सलाहाबाद समेत पांच स्कूलों पर, खलीलाबाद में उरदहवा, देवरिया गंगा, मगहर, आजमपुर, बनकटवा, मीरगंज, बड़गों, गोड़ही और कर्री समेत नौ स्कूलों पर, सांथा में बेलराई, करमा कला, लोहरसन, देवकली, जसवल, मुसहरा, बरघाट समेत सात स्कूलों पर, मेंहदावल में अमरडोभा, कुसौनां खुर्द, सांड़े खुर्द, भिटियां खुर्द, बेलौली व घूरापाली समेत छह स्कूलों पर, नाथनगर में बेल्डुहा, पिड़िया बाजार, नाथनगर, मोलनापुर, सांखी, मिश्रौलिया व कोर्ट समेत सात पर, पौली ब्लॉक में नारायनपुर, बाघी और मड़पौना समेत तीन और सेमरियावां के उमिला, बिगरामीर, रक्शा देवई, मुरशरद व सौरहा सिंहौरवा समेत छह स्कूलों पर विज्ञान किट पंहुचा दिया गया है।
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बीएसए ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, व्यावहारिक ज्ञान देना और गणित एवं विज्ञान जैसे विषयों को मजेदार बनाना है।
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