संतकबीरनगर। जिले के परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता में सुधार के लिए अनोखी पहल की जा रही है। रसोइयों की पाक कला की गुणवत्ता को बच्चे खुद परखेंगे। इसके लिए रसोइया पाक कला प्रतियोगिता कराई जाएगी। विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे जज बनकर उनके भोजन की गुणवत्ता पर अपनी मुहर लगाएंगे। जिले में 1247 परिषदीय विद्यालयों में 1.3 लाख बच्चे पढ़ते हैं।
शासन की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना के तहत गुणवत्तापरक भोजन देने की कवायद की जा रही है। अधिकारियों की मानें तो विद्यालय स्तर पर कार्यरत रसोइया से ब्लॉक स्तर पर आवेदन के उपरांत बीएसए कार्यालय में फॉर्म जमा कराए जाएंगे। रसोइया पाक कला प्रतियोगिता का आयोजन मौसम के अनुकूल होने पर होगा। इसमें सफलता हासिल करने वाली रसोइयों को पुरस्कृत करके उत्साहवर्धन भी किया जाएगा।
प्रतियोगिता में जज के लिए बनाई जाने वाली कमेटी में बच्चों को भी शामिल किया जाएगा, जो रसोइयों को उनकी डिश पर नंबर देंगे। प्रतियोगिता में पाक कला, भोजन का स्वाद, पौष्टिक तत्व और भोजन बनाने के तरीके पर 10-10 अंक मिलेंगे। वहीं स्वच्छता पर 10, सुरक्षा पर 10 और सभ्य आचरण पर पांच अंक निर्धारित किए गए हैं।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को पुरस्कार मिलेगा। प्रतियोगिता की कमेटी में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, गृह विज्ञान के इंटर या स्नातक स्तर के प्रवक्ता, गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य, अलग-अलग स्कूल के कक्षा 6 से 8 के 10 छात्र व छात्राएं, जनपद के किसी प्रतिष्ठित होटल या रेस्तरां के चीफ सेफ, स्वास्थ्य विभाग की महिला अधिकारी और खाद्य सुरक्षा विभाग का अधिकारी शामिल होंगे।
कोट
प्रतियोगिता का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता बढ़ाना है। इससे रसोइयों को अपनी पाक कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा और बच्चों को भी स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिलेगा।
-धीरेंद्र प्रताप चंद, जिला समन्वयक, मध्याह्न भोजन