- डिब्बा बंद दूध, जंक फूड से पांच साल तक के बच्चों में मोटापा बढ़ने से घेर रहीं बीमारियां
- जिला अस्पताल में रोजाना इस रोग से संबंधित 10 बच्चे पहुंच रहे
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डिब्बा बंद दूध, पैक्ड सप्लीमेंट, जंक फूड आदि से पांच साल तक के बच्चे मोटापे का शिकार हो रहे हैं। बच्चे टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर (बीपी), फैटी लीवर, हृदय रोग, पेट संबंधी समस्याओं की चपेट आ रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 10 बच्चे इससे पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक बचाव के साथ ही इलाज कर रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि माताओं द्वारा पर्याप्त स्तनपान नहीं कराने के मामले बढ़ रहे हैं। हर बच्चे को छह माह तक केवल मां का दूध मिलना चाहिए। दो-तीन माह का होते ही बच्चे को डिब्बा बंद दूध पिलाना शुरू कर दिया जाता है। बच्चा छह-सात माह का होता है, तो पैक्ड सप्लीमेंट फूड शुरू देते हैं जबकि दाल, सेमी लिक्विड फूड व जूस देना चाहिए। पैक्ड सप्लीमेंट फूड में कैलोरी ज्यादा होती है, जो बच्चा पचा नहीं पाता है। कैलोरी वसा की कोशिकाओं में जमा हो जाती है।
ये प्रक्रिया लगातार चलने से वसा कोशिकाएं विकसित होने से लगती है और मोटापा बढ़ जाता है। जब बच्चा दो साल का हो जाता है, तो जंक फूड खिलाना शुरू कर देते हैं। डॉ. सुनील ने बताया कि मोटापे की वजह से बच्चे टाइप-टू डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मानसिक समस्या, पेट संबंधी समस्याओं की गिरफ्त में फंस रहे हैं। ऐसे में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
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मोटापे से होने वाले नुकसान
- मोटापा और खेलकूद में शामिल नहीं होने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
- ज्यादा कैलोरी खाने से हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है।
- अधिक वजन बढ़ने से बच्चों में सांस लेने की दिक्कत होने से अस्थमा की आशंका रहती है।
- अधिक फैट जमा होने से फैटी लिवर की समस्या हो जाती है।
- घुटनों व कुल्हों पर दबाव पड़ता है, जिससे इनमें दर्द होता है।