मेंहदावल। बेसिक स्कूलों में एक अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र में बाल वाटिका व कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले बच्चों की पढ़ाई शुरू हो जाने से पहले उन्हें स्कूल के लिए तैयार किया जा रहा है। सत्र के शुरूआत में 12 सप्ताह का विद्या प्रवेश स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके जरिए उन्हें विषय प्रवेश कराया जा रहा है। ताकि उनके अंदर पढ़ने की अभिरुचि का विकास हो।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत परिषदीय विद्यालयों व सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में प्रभावी बनाने के यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें 12 सप्ताह का अतिरिक्त कार्यक्रम तैयार है। इस कार्यक्रम में पांच से छह वर्ष तक के बच्चे बाल वाटिका में गतिविधि आधारित भाषा और अंक दक्षता के बारे में जानकारी ले रहे हैं। इसे बाल वाटिका व कक्षा एक में प्रभावी किया गया है। सप्ताह में रोजाना होने वाली हर गतिविधियों के जरिए स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा ।
सत्र के शुरुआती 12 सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में शिक्षक बच्चों के साथ ही अभिभावकों को भी इसकी जानकारी देंगे। विद्यालय में बच्चों से सीखी गई गतिविधियों के बारे में पूछा जाएगा। कार्यक्रम के अंतिम सप्ताह में अभिभावकों की बैठक लेकर उन्हें बच्चों की प्रगति की जानकारी दी जा रही है। सभी प्रधानाध्यापकों को स्कूल रेडीनेस पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।
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ये गतिविधियां होंगी
बच्चों को कविता पाठ का ज्ञान।
खेलकूद की गतिविधियों की जानकार।
बाल वाटिका बनाने के बारे में जानकारी।
बच्चों को फल, शब्द व नंबर का बोध।
कहानी सीखने और सिखाने की जानकारी।
कलात्मक गतिविधियों के बारे में जानकारी।
जानवरों, शरीर के अंगों के बारे में जानकारी।
वाद्य यंत्रों के बारे में दी जा रही है जानकारी।
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कोट
स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए बनाया गया है। सभी स्कूलों में इस कार्यक्रम को पूर्ण किया जा रहा है। सभी अध्यापक बच्चों को इसके बारे में जानकारी दें तथा सहायक उपकरणों के जरिए उनको बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करें।
-ज्ञानचन्द्र मिश्रा, बीईओ