संतकबीरनगर। भीषण गर्मी में बुखार के बाद कान और गले के संक्रमण के रोगी बढ़ गए हैं। इनमें बच्चों से लेकर बड़े तक शामिल हैं। बच्चों के टांसिल में सूजन और बड़ों के मध्य कान में संक्रमण (ओटिटिस मीडिया) के मामले सामने आ रहे हैं।
डॉक्टर का कहना है कि अगर समय से इलाज नहीं कराया जाए तो दोनों ही रोगों में बीमारी गंभीर हो सकती है। ओटिटिस मीडिया में तो कान का पर्दा तक फट सकता है और व्यक्ति स्थाई रूप से बहरा हो जाता है।
तेज धूप से आकर ठंडा पानी पीना और आइसक्रीम खाना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। सर्दी व जुकाम से ग्रसित होने के बाद लोगों के गले और कान में संक्रमण काफी बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में कान, नाक व गला विभाग में रोजाना 70 से 80 मरीजों को चिकित्सीय परामर्श दिया जा रहा है। ईएनटी चिकित्सक डॉ. एमके सिंह ने बताया कि बच्चों के टांसिल में सूजन और बड़ों में फंगल इंफेक्शन से कान में दर्द की शिकायतों के जुड़े मामले बढ़े हैं।
बुजुर्गों में ओटिटिस मीडिया एक्यूट और बच्चों में ओटोमाइकोसिस के लक्षण पाए जा रहे हैं। टांसिल पर गहरे ग्रे या सफेद रंग की झिल्ली जमने से सांस नली प्रभावित होती है और समय से इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो जाती है। ओटिटिस मीडिया एक्यूट में कान के दर्द में लापरवाही से बहरापन हो सकता है।