मेंहदावल। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय संदर्भ के लिए प्रासंगिक सामग्री पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी भारतीय भाषाओं व अंग्रेजी में नर्सरी कविताओं का संग्रह तैयार करने के लिए “बालपन की कविता पहल नामक प्रतियोगिता शुरू किया है। इसमें छोटे बच्चों के लिए भारतीय कविताओं को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह जानकारी देते हुए बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्र ने बताया यह प्रतियोगिता 22 अप्रैल तक चलेगी। इसमें तीन से आठ आयु वर्ग के बच्चे भाग ले सकते हैं।
बीईओ ने बताया कि प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापक निर्धारित समय सीमा के भीतर ही प्रतियोगिता आयोजित कर छोटे बच्चों को मातृभाषा में आसानी से समझ में आने वाली आनंददायक कविताओं को तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करें। इन कविताओं को संग्रहित कर उसको माय गवर्नमेंट (एमवाईजीओवी) पर अपलोड करें।
उन्होंने कहा शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए इस पहल का उद्देश्य छोटे बच्चे अपनी मातृभाषा में आसानी से समझ में आने वाली और आनंददायक कविताओं के माध्यम से अपने आसपास की दुनिया से परिचित होकर अपने बुनियादी स्तर पर बेहतर सीख सकें।
इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सहयोग से “बालपन की कविता पहल छोटे बच्चों के लिए भारतीय कविताओं को पुनःस्थापित करना” में योगदान आमंत्रित कर रहा है।
प्रतियोगिता के प्रतिभागी प्री-प्राइमरी (आयु 3-6), ग्रेड 1 (आयु 6-7) और ग्रेड 2 (आयु 7-8) सहित प्रतिभागी तीन श्रेणियों के अंतर्गत लोकसाहित्य में प्रचलित मौजूदा कविताएं (लेखक का नाम बताते हुए) या नई रचित मजेदार कविताएं भी भेज सकते हैं।
प्रविष्टियां सभी भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में भी आमंत्रित की जाती हैं। इसमें भारतीय संदर्भ में सांस्कृतिक महत्व की क्षेत्रीय कविताएं शामिल हो सकती हैं। प्रतियोगिता 22 अप्रैल तक माय गवर्नमेंट वेबसाइट पर चल रही है। इसमें भाग लेने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है।