संतकबीरनगर। होली नजदीक आते ही बाजार में एक बार फिर खोआ, दूध व पनीर जैसे उत्पादों की मांग बढ़ गई है। खपत से ज्यादा मांग पहले से ही है, ऐसे में होली में खोआ, दूध और पनीर की मांग पूरी करने के लिए धंधेबाज फिर से सक्रिय हो गए हैं। मांग पूरा करने के लिए मिलावटी दूध के साथ पनीर, खोआ तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा है। ऐसे में यदि आप बाजार से सामान खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा जांच, परख लें। जरा सा भी लापरवाही आपकी सेहत खराब कर सकती है।
पिछले साल होली में खाद्य विभाग ने दूध और इससे बने पदार्थों के 28 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। इसमें 10 अधोमानक पाए गए थे। वहीं पिछले एक सप्ताह में खाद्य विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर खोआ और पनीर के 14 नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। लोगों को खरीदारी करते समय सतर्क रहना होगा और असली व नकली खोआ और पनीर की पहचान करने के बाद ही खरीदारी करनी होगी।
बाजार में मिठाई व गुझिया बनाने के लिए खोआ की मांग बढ़ गई है। बाजार में दो प्रकार के खोआ बेचे जा रहे हैं। एक कानपुरी खोआ और एक लाल खोआ। कानपुरी 260 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है तो लाल खोआ 320 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। त्योहारी सीजन में खोआ, पनीर, घी, दूध और दूध से बने सामानों की मांग काफी बढ़ जाती है। 2024 में होली के दौरान 28 में से 10 नमूने अधोमानक मिलने के बाद खाद्य व औषधि प्रशासन की टीम ने एडीएम कोर्ट में केस दायर किया था।
110 क्विंटल खोआ व 150 क्विटंल पनीर की होगी खपत : कारोबारियों के मुताबिक लोकल खोआ की मांग ज्यादा है। साथ में पनीर की भी खपत की संभावना दुकानदार जता रहे हैं। खोआ व्यापारी संजय ने बताया कि होली पर 110 क्विंटल खोआ और 150 क्विंटल पनीर की खपत होने का अनुमान है।