रक्षा बंधन पर्व पर भाई की कलाई पर राखी बांधती बहन।
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संतकबीरनगर। रक्षा बंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गुरुवार की सुबह छह बजे से 11.30 बजे तक बहनों ने भाइयों के कलाई पर राखी बांधी और अपनी रक्षा का वचन लिया। जिनके अपने सगे भाई नहीं थे वे रिश्ते के भाइयों को राखी बांधी।
भाइयों को राखी बांधने के लिए बहने ससुराल से मायके भी गई। यहां तक कि जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने बहनें बस्ती कारागार पहुंच गईं। टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ भाड़ देखी गई। शहर से लेकर देहात में रक्षा बंधन पर्व पर बाजारों में काफी रौनक रही। पुरोहितों ने भी यजमानों को रक्षा सूत्र बांधा।
शुभ मुहूर्त में ही भाई की कलाई पर राखी बांधने को लेकर बहनों में गजब की फूर्ति दिखी। सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गईं। रखी तो पहले ही आ गई थी। मिठाइयाें के साथ जरूरत के सामान मसलन अक्षत, दही, रोली की व्यवस्था की जाने लगी। स्नान के बाद नए वस्त्र धारण कर भाइयों ने विधि-विधान से सिर पर रुमाल रखा। बहनों ने दही, अक्षत, रोली का तिलक लगवाया और आरती उतारने के बाद भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।
भाइयों को मिठाई खिलाई। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। रखी बांधने के लिए कई नई नवेली दुल्हनें ससुराल से मायके पहुंच गई तो ज्यादातर भाई ही बहन के घर आकर राखी बंधवाई। बस्ती जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें गई। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, टैक्सी स्टैंडों पर भी काफी भीड़ देखी गई। पर्व को लेकर परिवहन निगम ने भी तैयारियां कर रखी थी। साधन संपन्न लोग खुद के वाहनों से महिलाओं को उनके मायके पहुंचाया।