अस्पताल परिसर में सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में इमरजेंसी के बगल में नवजात बच्ची के पाए जाने के बाद से ही जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान उठने लगे हैं।
इसी के साथ ही अस्पताल की निगरानी भी बढ़ गई है। सीसीटीवी के साथ सुरक्षा गार्ड भी निगरानी के लिए लगाए गए हैं, इसके बावजूद भी जिला अस्पताल में कई डार्क जोन मौजूद हैं।
जिला अस्पताल में प्रवेश के लिए कई रास्ते हैं। केवल मुख्य रास्ते पर ही सीसीटीवी हैं। परिसर में प्रवेश के बाद जिला अस्पताल के मुख्य भवन में जाते हैं तो सीसीटीवी की निगरानी से होकर जाना पड़ता है।
लेकिन वहीं अगर एमसीएच विंग की तरफ से अस्पताल के सीटी स्कैन क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तो यहां पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। कैमरों से निगरानी तो हर जगह हो रही है। लेकिन छोटे-छोटे डार्क जोन जैसे सीढि़यां, छोटे गलियारे, पैथालॉजी क्षेत्र के कुछ हिस्से डार्क जोन बन गए हैं।
ओपीडी हाल, पीआईसीयू, पर्ची काउंटर, पैथालॉजी हाल में गार्ड तैनात हैं। वह लोगों से पूछताछ के साथ ही उनकी सहायता भी करते हैं। सुरक्षा पूरी तरह से फूलप्रूफ होने के बावजूद एक ऐसा डार्क जोन बचा रह गया जहां किसी की नजर नहीं पड़ी।
जहां बच्ची को छोड़ा गया था वह हमेशा सीसीटीवी की निगरानी में रहता है। यही नहीं सामने स्टाक और ड्रेसिंग सेंटर है। वहां पर हमेशा तीन से चार आदमी बैठे रहते हैं। जिस जगह बच्ची मिली थी, वहां पर एक घंटे पहले सीएमएस खुद आए थे।