मेंहदावल। विकास खंड क्षेत्र के बढ़या गांव स्थित स्थायी गोशाला में गोवंशों को चारा-पानी के बदइंतजामी से जूझना पड़ रहा है। यहां संरक्षित पशु सूखा भूसा खाने को मजबूर हैं। शेड के नीचे बने नाद पूरी तरह सूखे पड़े हैं। गर्मी के मौसम में पशुओं को पीने का पानी तक आसानी से नसीब नहीं हो रहा।
गोशाला में करीब 250 से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनके लिए शासन की ओर से हरा चारा, भूसा, चोकर और पानी की व्यवस्था के लिए प्रतिमाह बजट जारी होता है। इसके बावजूद मौके पर सिर्फ सूखा भूसा डाला जा रहा है। कई गायें इतनी कमजोर हो चुकी हैं कि उनकी पसलियां तक दिख रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला संचालक की लापरवाही से पशुओं का खानपान प्रभावित हो रहा है। यह तब हो रहा है जब गोशाला का प्रबंधन अब गैर सरकारी संस्था के पास है। स्थानीय लोगों ने पशुओं को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है।
तहसीलदार मेंहदावल अल्पिता वर्मा ने कहा कि औचक निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।