दहेज के लिए विवाहिता को कमरे में बंद कर प्रताड़ित करने का आरोप ससुरालियों पर लगा है। पीड़िता डेढ़ साल से मायके में रह रही है। उसकी तहरीर पर पुलिस ने पति, सास, ससुर समेत छह लोगों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है।
बखिरा निवासी छोटकू ने 30 वर्षीय बेटी रजनी की शादी 21 नवंबर 2019 को आगरा निवासी विकास के साथ की थी। शादी के बाद से वह ससुराल में रह रही थी। रजनी का आरोप है कि पति विकास ने उसके साथ कोई संबंध नहीं रखा। दहेज के लिए ससुराल के लोग उत्पीड़न करने लगे। बगैर खाना दिए कमरे में बंद कर देते थे। पति से शिकायत करने पर वह भी उसे मारते थे।
ससुरालियों के उत्पीड़न से तंग आकर उसने पिता को आगरा बुलाया और 14 जनवरी 2020 को मायके आ गई। उसके बाद भी पति व ससुराल के लोगों ने फोन से तीन लाख नकद, टीवी, फ्रिज, बाइक की मांग करते रहे। मांग पूरी कर पाने में असमर्थता जताने पर ससुराली उसे छोड़ने की धमकी देते थे।
रजनी का कहना है कि उसके पिता ने कुछ लोगों के मध्यम से पंचायत कराया। मांग पूरी करने के लिए समय मांगा और 24 अगस्त 2020 को उसे ससुराल छोड़ आए। ससुराल पहुंचने के बाद फिर उत्पीड़न शुरू कर दिया। आरोप है कि पति उसे 10 फरवरी 2021 को बखिरा छोड़कर चला गया। एसओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी पति विकास, ससुर हरिओम, सास मीना, ननद पूजा व देवर अर्जुन व करन पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कर लिया गया है।