उपनिबंधन अधिकारी समेत छह के खिलाफ केस दर्ज
- फर्जी दस्तावेज के सहारे महिला की जमीन बैनामा कराने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। फर्जी तरीके से महिला की जमीन का बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने उपनिबंधन अधिकारी, दस्तावेज लेखक समेत पांच नाजमद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रविवार को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की।
धनघटा क्षेत्र के गोपीपुर गांव निवासी मंजू देवी का आरोप है कि उसके पति शोभनाथ की मृत्यु करीब छह वर्ष पहले हुई है। पुत्र घनश्याम (32) बाहर रहकर मजदूरी करता है। पति शोभनाथ की मृत्यु के बाद आराजी संख्या 380 रकबा 0.700 हेक्टेयर हांसडाड़ी तहसील धनघटा जमीन का मालिकाना हक उसके और बेटे के पास है।
आरोप है कि बेटे घनश्याम को नाबालिग दिखाकर उसकी जगह किसी दूसरी महिला को खड़ा करके 21 फरवरी 2022 को सब रजिस्ट्री कार्यालय के पदाधिकारियों के समक्ष कूट रचित दस्तावेज तैयार कर बैनामा करा लिया गया।
मामले की जानकारी होने पर उसने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी को भी रजिस्डर्ट डाक से प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन कोर्ट में शरण लेनी पड़ी।
एसओ केडी सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी दुर्गावती पत्नी रामजी यादव निवासी पिपरी खुर्द, तहसील गोला गोरखपुर, राधेश्याम पुत्र रमाकांत निवासी खाजो धनघटा, राधेश्याम पुत्र हिरामन निवासी गोपालपुर फिरोजपट्टी धनघटा, दस्तावेज लेखक सुधीर कुमार रजिस्ट्री ऑफिस धनघटा, उमेश प्रताप सिंह उपनिबंधन अधिकारी रजिस्ट्री ऑफिस धनघटा और एक अज्ञात के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
खेत बटाई पर लेकर तैयार कर लिया जमीन का विक्रयनामा
- विश्वास में लेकर पीड़ित से दो सादे स्टांप पेपर पर करा लिया था हस्ताक्षर
- कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र के लहुरेगांव निवासी एक व्यक्ति का खेत बटाई पर लेकर हड़पने की कोशिश की गई। आरोपी ने सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराकर एक लाख देना दिखाकर विक्रय नामा तैयार करा लिया। खेत वापस करने की बात करने पर तीन-चार लोगों के साथ घर में घुसकर पीड़ित की पिटाई की। कोर्ट के आदेश पर रविवार को पुलिस ने आरोपी और तीन-चार अज्ञात पर केस दर्ज किया।
लहुरेगांव निवासी शिवधन पुत्र हूबलाल का आरोप है कि गांव का रामअशीष उसके आराजी नंबर 37 रकबा 0.177 हेक्टेयर के हिस्से की जमीन को बटाई पर जोत रहा था। आरोप है कि राम अशीष उसे विश्वास में लेकर दो सादे स्टांप पेपर पर उसका हस्ताक्षर ले लिया था। जब उसने रामअशीष को अपना खेत वापस करने को कहा तो रामअशीष ने एक लाख रुपये उसे देने की बात कहने लगा। पैसे को ब्याज समेत वापस करने पर ही खेत छोड़ने की बात कहने लगा।
जब उसने रुपये कभी नहीं लेने की बात कही तो राम अशीष अपशब्द कहते हुए जमीन का बैनामा करने को कहने लगा और ऐसा नहीं करने पर जानमाल की धमकी देने लगा।
आरोप है कि 14 जुलाई 2022 को रामअशीष अपने साथ तीन-चार लोगों को लेकर उसके घर पर पहुंचा और उसकी पिटाई की। घर में तोड़फोड़ की। पुलिस से शिकायत करने के बाद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
एसओ केडी सिंह ने बताया कि आरोपी रामअशीष और तीन-चार अज्ञात के खिलाफ जालसाजी, घर में घुसकर मारने पीटने और तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।