संतकबीरनगर। जिला अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ी रही है। बृहस्पतिवार को 200 से अधिक मरीज हड्डी रोग विभाग में दिखाने पहुंचे। इनमें से 30-40 मरीजों में कैल्शियम कम पाया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार बदलते खानपान और कैल्शियम की कमी से हड्डियों से संबंधित रोग बढ़ रहे हैं।
हड्डियों में कैल्शियम की कमी लोगों में तेजी से बढ़ रही है और विटामिन डी भी पर्याप्त नहीं मिल रहा। इसके कारण समस्या बढ़ रही है। लोग दर्द से कराह रहे हैं। जिला अस्पताल में कराई जा रही जांच में कैल्शियम की कमी सामने आ रही है। हड्डी रोग के चिकित्सक डॉ. शिव ओंभू ने बताया कि शरीर में अगर लंबे समय तक कैल्शियम की कमी रहती है तो इसका सीधा असर दांतों और दिमाग पर पड़ता है। इसकी कमी से मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है।
कैल्शियम की कमी का सबसे सामान्य लक्षण शरीर और जोड़ों में दर्द है। शरीर में कैल्शियम की कमी खानपान में लापरवाही के कारण होती है। इन दिनों ओपीडी में रोजाना 200 से अधिक मरीज आते हैं। इनमें से 30 से 40 मरीज कैल्शियम की कमी वाले पहुंचते हैं। यह लोग दर्द की समस्या बताते हैं लेकिन जांच में कैल्शियम कम निकलता है यही दर्द की वजह है। लोग फास्टफूड, जंक फूड और पैकेट बंद खाने को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। दूध व कैल्शियम की उपलब्धता वाले उत्पाद से दूरी बना रहे हैं। धूप से बचने की आदत से विटामिन डी नहीं मिल पा रहा।
-
याददाश्त पर असर के साथ ही होती है मांसपेशियों में ऐंठन
चिकित्सक डॉ. शिवओंभू ने बताया कि कैल्शियम की कमी होने से याददाश्त की समस्या भी हो सकती है। लोग छोटी-छोटी चीजें भूलने लगते हैं और हर बात याद रखना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा मांसपेशियों में ऐंठन, अकड़न जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ये आमतौर पर पैरों या पंजों में होती हैं, जो काफी दर्दनाक होता है।
=====
यह हैं लक्षण
- हड्डियां कमजोर और दर्द होने लगता है और मांसपेशियों में ऐंठन रहती है।
- याददाश्त में भी कमी आ जाती है।
- कई बार शरीर सुन्न होने लगता है और हाथ-पैरों में झनझनाहट रहने लगती है।
- मासिक धर्म में गड़बड़ी होने लगती है और दांतों में भी कमजोरी आने लगती है।
- शरीर में कैल्शियम की कमी से ब्लड क्लॉटिंग की समस्या भी हो सकती है।
- महिलाओं में कमर दर्द की शिकायत आम बात।