ब्लूमिंग बड्स एकेडमी इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद में शनिवार को वन विभाग द्वारा विश्व गौरेया दिवस के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में गौरेया संरक्षण के बारे में जानकारी के साथ छात्रों और शिक्षकों को वन विभाग के अधिकारियों द्वारा उपहार स्वरूप घोसला भेंट किया गया। इस दौरान छात्र छात्राओं को गौरेया बचाने का संकल्प दिलाई गई।
प्रबंधक वैभव चतुर्वेदी ने कहा कि आज विश्व पर्यावरण में असंतुलन चिंता का विषय है और हर जीव पर्यावरण संतुलन में अपना योगदान देता है। इस लिए हमें संतुलन बनाने के लिए वन सरंक्षण एवं जीव संरक्षण दोनों पर ही बल देना होगा। उन्होंने कहा कि पेड़ों के अभाव में पक्षियों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। इस लिए पेड़ों के कटान को रोकना हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि विभाग प्रयास कर रहा है जल्द ही सभी के आंगन में फिर गौरेया चहकेंगी। वन क्षेत्राधिकारी के आर मीणा ने कहा कि बिलुप्त हो रहे गौरेया पक्षी को संरक्षण प्रदान करना हमारा कर्तव्य है। क्योंकि यह हमारे जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के रसायनों के प्रयोग से गौरेया की प्रजाति बिलुप्त होती जा रही है।
जिसे रोका जाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोगों को गौरेया संरक्षण के प्रति जागरूक होना जरूरी है। कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों को वन विभाग के अधिकारियों ने गौरेया सरंक्षण का वचन याद दिलाते हुए घोषला भेंट किया। इस अवसर पर आलम खां, सुमन पटेल, राजेश पांडेय, संपूर्णानंद उपाध्याय, अरूण कुमार भट्ठ, अमित मिश्र, सीता मल्ल, खुर्शीद फातिमा, अनुपमा सिंह, मनीषा पांडेय, प्रियंका पांडेय, प्रीति त्रिपाठी, राधा यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।