मीरगंज यही पर बनना हे रोडवेज बस डिपो-संवाद
संतकबीरनगर। जिले में बजट के अभाव में अभी तक बस डिपो व कार्यशाला का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। जबकि इसकी स्वीकृति मिल चुकी है।
साथ ही भूमि का चिह्नांकन होने के साथ ही परिवहन निगम के नाम हस्तांतरण भी हो चुका है लेकिन बजट उपलब्ध नहीं हो सका है। बस डिपो न बनने से यात्रियों को खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
जिले का सृजन वर्ष 1997 को हुआ था। तब से जिले में बस डिपो की स्थापना की मांग उठती रही है। कई बार जमीन देखी गई, लेकिन कोई न कोई बाधा खड़ी हो गई। वर्तमान में मीरगंज में जमीन चिह्नित की गई है और प्रशासन ने यहां से अतिक्रमण हटाकर जमीन परिवहन निगम के नाम पर खतौनी में दर्ज करा दी है।
इसके साथ ही करीब एक साल पहले शासन से इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है।
इसके बाद भी अब तक बजट उपलब्ध नहीं हो सका है। हालांकि जो आंकलन है उसके मुताबिक 15 करोड़ 24 लाख रुपये इसके निर्माण पर खर्च होने हैं। यहां पर बस डिपो के साथ ही कार्यशाला का भी निर्माण कराया जाना है। प्रशासन ने बजट उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र भी भेजा है। दूसरी तरफ बजट न मिलने से बस डिपो और कार्यशाला का निर्माण शुरू न होने से यात्रियों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं।