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ब्रिटिश मौलाना प्रकरण : मदरसे में पंजीकृत 125 छात्राओं का डाटा खंगालने में जुटा विभाग

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संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर में स्थित ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया की 125 छात्राओं का डाटा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग खंगालने में जुट गया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ही पहल पर किसी तरह 39 छात्राओं ने मदरसा बोर्ड की परीक्षा दी थी।
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डीएमओ कार्यालय के मुताबिक मदरसा प्रबंधन ने विभाग के साथ ही न्यायालय को भी मदरसे में 338 छात्राओं के पंजीकरण की सूचना दी थी। मदरसा सील होने एवं उसमें पठन-पाठन ठप होने के बाद जब विभाग ने छात्राओं के पठन-पाठन का डाटा खंगालना शुरू किया तो यू-डायस पर पंजीकृत छात्राओं की संख्या 213 पाई गई। इसके बाद डीएमओ कार्यालय से मदरसा प्रबंधन को 125 छात्राओं की जानकारी के लिए नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया।
इसके बाद से ही प्रबंधतंत्र के जिम्मेदारों ने विभाग को कोई जवाब नहीं दिया। इसकी वजह से आज तक स्थिति साफ नहीं हो पाई कि 115 छात्राओं का पंजीकरण किन परिस्थिति में दर्शाया गया। वहीं गबन व अन्य मामलों का आरोपी मौलाना शमशुल हुदा खान विदेश में बैठकर कानूनी दावपेंच के संबंध में परिजनों को गाइड कर रहा है।
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फरवरी 2024 में डीएम कोर्ट का मदरसे की जमीन राज्य सरकार के खाते में निहित करने के आदेश के बाद तहसील प्रशासन ने मदरसे को सील कर दिया। इसके बाद मदरसा भवन के बगल स्थित खाली जमीन पर नए भवन का निर्माण कराकर प्रबंध तंत्र ने फिर से मदरसे का संचालन शुरू कर दिया। इसकी भी शिकायत होने के बाद नवंबर में जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग एवं एसडीएम की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने अन्य स्थान पर संचालित मदरसे को सील कर दिया।
वहीं एटीएस जांच रिपोर्ट आने के साथ ही मौलाना शमशुल हुदा खान पर कोतवाली खलीलाबाद में फेमा के तहत प्राथमिकी डीएमओ ने दर्ज कराया। जिसकी जांच अभी भी चल रही है।
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कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर दो शिक्षकों ने लिया वेतन
मौलाना के मदरसे में कंप्यूटर शिक्षा के लिए अल हुदा गर्ल्स कंप्यूटर इंस्टीट्यूट की भी मान्यता ली गई थी। मिनिस्ट्री आफ इलेक्ट्राॅनिक एंड इनफाॅर्मेशन टेक्नाेलॉजी भारत सरकार के अधीन चल रही इस संस्था के जरिये दो शिक्षकों का वेतन जारी हो रहा था। जूनियर फैकल्टी में अफरोज अहमद और सीनियर में नसरीन जहां के नाम हर माह वेतन आता था। इसका खुलासा आरटीआई के तहत राष्ट्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान चंडीगढ़ से हुआ है। डीएम कोर्ट ने मदरसे की जमीन को पूर्ण रूप से जब्त कर सरकार के खाते में निहित करने के बाद भी इन दो शिक्षकों का उसी भवन में चल रहे अल हुदा गर्ल्स कंप्यूटर इंस्टीट्यूट के नाम से वेतन जारी होता रहा।

मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया के प्रबंधतंत्र ने मदरसे में 338 छात्राओं के पंजीकृत होने की सूचना दी थी। बाद में यू-डाॅयस की जांच करने पर 213 छात्राओं का पंजीकरण पाया गया। इस संबंध में प्रबंध तंत्र को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण तलब किया था। इस पर कोई जवाब प्रबंधतंत्र ने नहीं दिया। छात्राओं के पंजीकरण के संबंध में रिमाइंडर भेजा जा रहा है।
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-प्रवीण कुमार मिश्र, डीएमओ
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