सांथा। ग्राम प्रधान और राधेश्याम दोनों पक्ष सितंबर में भी भिड़े थे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया था। रणवीर पांडेय की तरफ से चार तथा विपक्षियों की तरफ से पांच लोगों पर केस दर्ज कराया गया था। बताया जाता है कि तभी से दोनों पक्षों में अदावत चल रही थी।
ग्राम प्रधान रणवीर पांडेय की तरफ से केस दर्ज कराया गया था कि 21 सितंबर की शाम 5 बजे वह सीमेंटेड ईंट के प्लांट पर बैठे थे। गांव के ही राधेश्याम पांडेय और घमालू बाइक से आए। राधेश्याम ने उनसे सरकारी शौचालय निर्माण के लिए पैसा न आने की बात कही।
उन्होंने सरकार ने बजट नहीं मिलने की बात बताई। इसके बाद राधेश्याम उन्हें झूठा कहते हुए गाली देने लगा। विवाद बढ़ने पर राधेश्याम ने ईंट से हमला कर दिया। इसी बीच गांव का ही वेदप्रकाश पांडेय उर्फ मोनू भी वहां पहुंच गए और दोनों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। इस मामले में चार आरोपियों पर केस दर्ज हुआ था।
वहीं, दूसरे पक्ष से राधेश्याम पांडेय ने गांव के ही एक दलित घमालू की तरफ से रणवीर पांडेय तथा चार अन्य लोगों पर केस दर्ज कराया था कि दलित घमालू उनके पास पैसा लेने के लिए गया था। वह पैसा राधेश्याम पांडेय का था। जब उसने पैसा मांगा तो रणवीर पांडेय ने चार अन्य सहयाेगियों के साथ मिलकर राधेश्याम और घमालू को पीटा तथा घमालू को जातिसूचक गालियां दीं। घमालू की तहरीर पर ग्राम प्रधान रणवीर पांडेय समेत पांच लोगों पर दलित उत्पीड़न और मारपीट का केस दर्ज किया गया था। संवाद