संतकबीरनगर। बारिश और लगातार बदल रहा मौसम का असर लोगों की हड्डियों और जोड़ों पर दिखाई देने लगा है। बारिश तो कभी उमस के बीच जिला अस्पताल के हड्डी रोग की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। 30 से 60 वर्ष तक के लोगों के साथ कम उम्र के बच्चे की भी हड्डियों में दर्द, अकड़न, सुन्नपन और चोट लगने पर फ्रैक्चर जैसी समस्याएं आ रही हैं।
चिकित्सकों के अनुसार अनियमित खानपान, पोषक तत्वों की कमी, शारीरिक गतिविधियों का कम होना और बदलता मौसम इन समस्याओं को बढ़ा सकता है। अस्पताल में औसत 100-150 रोगी आते हैं।
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सिंह ने बताया कि इन दिनों मरीजों में हड्डियों और जोड़ों में दर्द, अकड़न, हाथ-पैर में सुन्नपन, तलवों में गर्माहट और नसों में खिंचाव जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ मरीज मामूली चोट के बाद भी हड्डी टूटने की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हड्डियों की मजबूती के लिए पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन-डी और अन्य पोषक तत्वों वाला संतुलित आहार जरूरी है।
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कम उम्र में हड्डियों की कमजोरी चिंता का विषय
डॉ. अमित सिंह के अनुसार पहले जहां हड्डियों से जुड़ी समस्याएं अधिक उम्र में देखने को मिलती थीं, वहीं अब कम उम्र के लोगों में भी ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं। बच्चों में पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न होना, खेलकूद से दूरी और संतुलित पोषण का अभाव आगे चलकर हड्डियों की कमजोरी का कारण बन सकता है।
उन्होंने बच्चों के शारीरिक विकास के लिए खेलकूद और नियमित शारीरिक गतिविधियों को पढ़ाई जितना ही महत्वपूर्ण बताया। लंबे समय तक बैठे रहने और मोबाइल या अन्य स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से शारीरिक सक्रियता कम होती है, जिसका असर मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती पर पड़ सकता है।
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छह माह तक मां का दूध बेहद जरूरी
चिकित्सक ने शिशुओं के पोषण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि जन्म के बाद शुरुआती छह माह तक मां का दूध शिशु के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरक आहार शुरू किया जाना चाहिए। बच्चों के पोषण में लापरवाही आगे चलकर उनके शारीरिक विकास और हड्डियों की मजबूती को प्रभावित कर सकती है।
रोज आधा घंटा पैदल चलें
आधुनिक जीवनशैली में लोग शारीरिक श्रम से लगातार दूर होते जा रहे हैं। कार्यालय में लंबे समय तक बैठकर काम करने के बाद सीधे बिस्तर पर चले जाना भी शरीर के लिए उचित नहीं है। नियमित शारीरिक गतिविधि मांसपेशियों और हड्डियों को सक्रिय रखने में मदद करती है। लोगों को अपनी क्षमता और उम्र के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलने, नियमित व्यायाम करने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी। घर के सामान्य काम जैसे झाड़ू लगाना, सफाई करना अथवा अन्य शारीरिक गतिविधियों को भी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।