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मठ पर कब्जा को लेकर छिड़ी है वर्चस्व की जंग

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महुली थाना क्षेत्र के भीटी माफी गांव में महंथ के दावेदारी को लेकर होने वाले बिवाल की सूचना पर पहु? - फोटो : KHALILABAD
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मठ पर कब्जा को लेकर छिड़ी है वर्चस्व की जंग
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- विवाद होने की सूचना पहुंची पुलिस ने कराया शांत
- पुलिस ने दो पक्षों को कागजात के साथ तलब किया
अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा। महुली क्षेत्र के भीटी माफी में स्थित मठ की महंती को लेकर कई महीने से विवाद चल रहा है। बृहस्पतिवार को विवाद होने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को साक्ष्य के साथ थाने पर बुलाया, लेकिन एक पक्ष के न रहने के कारण पुलिस ने ग्रामीणों की भीड़ को हटाते हुए शुक्रवार को दोनों पक्षों को अभिलेख के साथ थाने में तलब किया है। इस मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
भीटी माफी में 103 बीघा मठ की जमीन है। जिसमें 10 बीघे जमीन में गांव के लोग बसे है। जबकि शेष 93 बीघा भूमि मठाधीश की देखरेख में रहती है। गत छ: नवंबर 2019 को मठ के महंत हरिदास जी महाराज ब्रह्मलीन हो गए थे। इसके बाद मुकेश दास जी महाराज खुद को हरिदास जी का चेला बताते हुए मठ की भूमि वरासत होने का कागजात पेश कर कब्जा जमा लिए। वही दूसरी तरफ निर्वानी अखाड़ा अयोध्या से शिव पूजन दास चेला स्वर्गीय सियाराम दास पहुंचे। उन्होंने खुद को अखाड़े के सर्वाकार प्रेमदास जी महाराज द्वारा उक्त मठ का महंत बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान दोनों महंतों के बीच मठ की कब्जजेदारी को लेकर विवाद शुरू हुआ, लेकिन मामले का पटाक्षेप नही हो सका। बृहस्पतिवार को कब्जेदारी को लेकर विवाद होने की सूचना पर एसओ प्रदीप कुमार सिंह, एसआई राम प्रवेश यादव के साथ मौके पर पहुंच गए। मौके पर जुटी भीड़ को पुलिस ने सूझबूझ से नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके पर दोनों पक्षों को बुलाया, लेकिन एक पक्ष मौके पर मौजूद नहीं था। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों को शुक्रवार को थाने बुलाया है। इस मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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इस संबंध में शिवपूजन दास ने बताया कि अयोध्या के निर्वानी अखाड़ा हनुमान गढ़ी के सर्वाकार प्रेमदास जी महाराज द्वारा उन्हें भीटी माफी मठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह एक प्रक्रिया के तहत होता है, लेकिन मुकेश दास गलत तरीके से मठ पर कब्जा करना चाहते है। जब कि वास्तव में मठ की भूमि वरासत में नहीं बल्कि अखाड़ा के जिम्मेदारों द्वारा सौंपी जाती है। बृहस्पतिवार को ग्रामीण उन्हें महंत बनाने के लिए आए हुए थे, लेकिन भनक लगते ही मुकेश दास तालाबंद कर फरार हो गए है। वहीं महंत मुकेश दास जी ने बताया कि ब्रह्मालीन महंथ बाबा हरिदास जी महाराज के वह असली चेला है। उन्होंने ही उन्हें वरासत किया है, और मठ का महंत बनाया था। इसलिए वह इस मठ पर काबिज है। इस संबंध में सारे दस्तावेज उनके पक्ष में है। मौके से फरार नहीं हुए थे। इंसाफ के लिए उच्चाधिकारियों के पास गए थे। शिवपूजन दास गलत तरीके से कुछ लोगों के उकसाने पर पहुंचे थे।
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‘दोनों पक्षों को बुलाया गया है थाने’
एसओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि भीटी माफी में मठ की जमीन है। मठ के महंत के लिए दो लोगों में वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। महंत मुकेश दास मठ पर मौजूद नहीं थे। जबकि शिव पूजन दास ग्रामीणों के सहयोग से ताला खोल कर प्रवेश करना चाहते थे। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जुट गए थे। महंत के दावेदार दोनों लोगों को शुक्रवार को थाने में तलब किया गया है। अभिलेख प्रस्तुत करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। किसी को शांति व्यवस्था में बाधा उत्पन्न नहीं करने दिया जाएगा।
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