संतकबीरनगर। आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन एवं आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को भजन संध्या एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं गुरुपूजा के साथ हुआ। गुरुपूजा आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन एवं रामाशीष द्वारा संपन्न कराई गई।
उपस्थित लोगों ने तनावमुक्त एवं हिंसामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी लिया। भजन गायिका रंजना एवं रीतू जैन ने अपने सुमधुर भजनों से ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। रंजना ने सतगुरु तुम्हारे प्यार ने जीना सिखा दिया और दमा दम मस्त कलंदर प्रस्तुत किया, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे।
रीतू जैन ने “राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी” और “सीताराम राम राम” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक सुनील गुप्ता ने उपस्थित लोगों को ध्यान का अनुभव कराया। गोरखपुर से आए प्रशिक्षक पीयूष ने आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कार्यक्रम में सिखाई जाने वाली विश्वविख्यात श्वास प्रक्रिया “सुदर्शन क्रिया” के महत्व की जानकारी दी। इसके बाद बच्चों द्वारा गुरुदेव का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया।
कार्यक्रम में पवन जायसवाल, दिनेश अग्रहरि, मनोज सिंह, डॉ. विजय गुप्ता, विनीत चड्ढा, रीतू जैन, नमिता चड्ढा, अनीता खत्री और अंजली अग्रहरि, सुभाष गुप्ता, श्रवण अग्रहरि, राजेश खेतान, डॉ. के.सी. पांडेय, दीपक विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।